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Dairy: डेयरी फार्म के अच्छे फर्श से 30 फीसद तक बढ़ सकता है दूध उत्पादन

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नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में अगर दूध उत्पादन ज्यादा मिले तो फिर डेयरी फार्मर्स को इसका फायदा मिलता है. उसके उलट अगर दूध का उत्पादन कम हो जाए तो डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में नुकसान उठाना पड़ सकता है. डेयरी एक्सपर्ट कहते हैं डेयरी फार्म का अच्छा या खराब होना सीधे तौर पर पशु के दूध उत्पादन और उसकी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है. इसलिए डेयरी फार्म की डिजाइन डेयरी फार्म के फर्श वगैरह पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए और डेयरी पशुओं की सुविधा के अनुसार ही डेयरी फार्म को बनाना चाहिए.

एक्सपर्ट कहते हैं कि अच्छा फॉर्म, पौष्टिक आहार, साफ सफाई और सही व्यवस्था ज्यादा दूध उत्पादन लेने का सबसे सही तरीका है. जबकि खराब फार्म तनाव, बीमारियों, कुपोषण का कारण और दूध उत्पादन में 20 से 30 फीसद तक की कमी ला सकता है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ऐसे में आपको डेयरी फार्म के बिजनेस में 20 से 30 फीसद का नुकसान हो सकता है जो आपके मुनाफे के साथ-साथ लागत को भी प्रभावित कर सकता है. इसी रिपोर्ट में हम डेयरी पशुओं के फर्श के बारे में बात करेंगे कि फर्श कैसा होना चाहिए.

कैसे होना चाहिए फर्श
डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि एक अच्छे डेयरी फार्म में फर्श को लेकर कम से कम पांच बातों का ध्यान रखना चाहिए.

फर्श फिसलन रहित होना चाहिए. यानी फर्श को चिकना न बनाएं. फर्श को कभी भी चिकना नहीं बनना चाहिए, इससे पशु फिसल कर गिर सकते हैं. अगर पशु गिर जाते हैं तो फिर उनके इलाज पर अतिरिक्त खर्च होगा.

फर्श को एक तरफ ढलावदार बनाना चाहिए. ताकि जो भी मल मूत्र पशु करते हैं वह आसानी से बह सके और डेयरी फार्म के फर्श की अच्छी तरह से सफाई भी की जा सके.

फर्श को मजबूत बनाया जा सकता है लेकिन उसमें इस बात का ख्याल रखें कि वह नर्म भी हो ताकि पशुओं को उठने बैठने में दिक्कत ना आए.

फर्श को ऐसा बनाना चाहिए जो आसानी के साथ साफ हो सके. ताकि फर्श पर किसी भी तरह की गंदगी ना आए. क्योंकि गंदगी आने से पशु बीमार हो सकते हैं.

ये बीमारियां भी हो सकती
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर फर्श खराब है तो थन में सूजन आ सकती है. पशु को खूरपका—मुंहपका रोग भी हो सकता है.

यहां तक उन्हें लंगड़ापन की बीमारी भी हो सकती है. दूध उत्पादन में तेजी से गिरावट दर्ज की जाती है.

निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहा जाए तो फर्श ऐसा होना चाहिए जो पशुओं को अराम पहुंचाए और इससे पशुपालन आसान हो सके. ताकि पशुपालन के काम में फायदा मिल सके.

Written by
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