नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, हिमाचल प्रदेश सरकार और दूध महासंघ के बीच शिमला में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी में डेयरी विकास को गति देने के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. पहले समझौता ज्ञापन के तहत हिमाचल प्रदेश कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक स्थापित किए जा रहे धगवार क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ तथा इसके डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट का प्रबंधन राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड द्वारा किया जाएगा. यह संघ कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिलों में कार्य करेगा और एनडीडीबी द्वारा इसका कुशल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा.
दूसरे समझौता ज्ञापन के तहत राज्य के डेयरी किसानों को बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों में छोटे डेयरी प्लांट और चिलिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इसके तहत झालेरा (ऊना), नाहन (सिरमौर), नालागढ़ (सोलन) और जलारी (हमीरपुर) में इन सुविधाओं की स्थापना राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड द्वारा की जाएगी.
किसानों का भुगतान होगा पारदर्शी
तीसरे समझौता ज्ञापन का उद्देश्य प्रदेश के दुग्ध क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता को सुदृढ़ करना है, जिसके तहत ईआरपी प्रणाली और एएमसीएस लागू किए जाएंगे ताकि किसानों को प्रत्यक्ष और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा सके. इस प्रणाली का पायलट दत्तनगर में प्रारंभ किया जाएगा.
इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (HP Milkfed) और राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के मध्य हुए समझौता ज्ञापन को राज्य के डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से दूध स्टोरेज, प्रोसेसिंग और बिक्री की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी. जिससे किसानों और पशुपालकों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सकेगा तथा उनकी आय में वृद्धि होगी.
बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की जिंदगी में खुशहली लाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है.
जैसे, गाय और भैंस की दूध के लिए किसानों को समर्थन मूल्य, दुग्ध प्रोत्साहन योजना, दुग्ध परिवहन पर सब्सिडी, गोपाल योजना के माध्यम से अनुदान इत्यादि.
उन्होनें राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड को हिमाचल प्रदेश में नवाचार और नयी गतिविधियों के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इसके लिए राज्य सरकार सभी संभावित मदद देगी.
वहीं एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीने शाह ने कहा राज्य में डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार तेजी से किया जा रहा है और इसे और विस्तारित करने की पूरी संभावनाएँ हैं.
उन्होनें एनडीडीबी द्वारा इस क्षेत्र में श्वेत क्रांति 2.0 एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों को भी बताया.












