नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है. ताकि डेयरी फार्मिंग से जुड़े किसानों को इसका सीधा फायदा मिले. वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार की पशुपालन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री, पंकजा गोपीनाथ मुंडे ने नागपुर में मदर डेयरी प्लांट का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने मराठवाड़ा में डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की बात पर जोर दिया. साथ ही अधिकारियों को ये आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र सरकार की तरफ से इस संबंध हर जरूरी मदद की जाएगी.
मदर डेयरी प्लांट के दौरे पर मंत्री गोपीनाथ मुंड के साथ डॉ. एन. रामास्वामी, सचिव (पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन), डॉ. प्रवीण कुमार देवरे, आयुक्त, पशुपालन विभाग और प्रशांत मोहोड़, आयुक्त, डेयरी विकास भी थे.
दौरे पर मंत्री ने क्या कहा
वहीं इस दौरे के दौरान डेलीगेशन को विदर्भ और मराठवाड़ा डेयरी विकास प्रोजेक्ट, महिलाओं के नेतृत्व वाले नए बने मराठवाड़ा मिल्क प्रोड्यूसर संगठन और इसकी चल रही खरीद गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई.
इसके अलावा मंत्री ने खुद बुटीबोरी में आने वाले मेगा मदर डेयरी प्लांट की प्रगति का भी रिव्यू किया.
मंत्री ने मौजूदा प्रोसेसिंग प्लांट और QA लैब का दौरा किया और नागपुर शहर के लिए लिक्विड दूध पैकिंग ऑपरेशन देखे.
इसके बाद मुंडे ने मराठवाड़ा में एक डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट की जरूरत पर जोर दिया और राज्य सरकार की मदद का भरोसा दिलाया.
गौरतलब है कि NDDB ने लातूर जिले में उदगीर डेयरी प्लांट को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है और संसाधनों की उपलब्धता पर पूरी तकनीकी और मैनेजरियल मदद दी है.
निष्कर्ष
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि मराठवाड़ा में डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट शुरू होता है तो इसके कई फायदे मिलेंगे. पहला फायदा ये होगा कि दूध की शेल्फ लाइफ बढ़ जाएगी. इसकी गुणवत्ता बेहतर होगी. साथ ही दही, पनीर और घी जैसे जरूरत के प्रोडक्ट बन सकेंगे. जिससे डेयरी किसानों को सीधे फायदा होगा. इसलिए डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट शुरू होने की बात से अफसर खुश नजर आए.










