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Dairy: डेयरी फार्मिंग का अपनाएं स्मार्ट तरीका, कमाई कई गुना बढ़ जाएगी

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले पशुपालक भाई हमेशा इस कोशिश में रहते हैं कि कैसे इस काम में ज्यादा से ज्यादा कमाई हो. पशुपालन एक ऐसा काम है, जिसमें अच्छी कमाई भी की जा सकती है. इसी वजह से सरकार भी पशुपालन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालन में ज्यादा से ज्यादा कमाई करने के लिए पशुपालक भाइयों को कुछ बातों ध्यान रखना चाहिए, जिससे उनकी कमाई कई गुना बढ़ सकती है और खूब सारा पैसा कमा सकते हैं.

क्या आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर वो कौन से तरीके हैं, जिनको आजमाने से पशुपालकों को अच्छी कमाई का मौका मिलेगा. अगर जानना चाहते हैं तो इस रिपोर्ट को पूरा और गौर से पढ़ें.

इस तरह की गाय पालें
एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादा कमाई के लिए संकर गाय की होलस्टीन फ्रीजियन और जर्सी नस्ल भी पाल सकते हैं.

ये प्रतिदिन 20-40 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती हैं. इससे आपको डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में अच्छी कमाई होगी.

वैज्ञानिक पोषण प्रबंधन का ध्यान रखें. अपने पशु को सम्पूर्ण मिश्रित राशन’ यानी सूखा चारा, हरा चारा और दाना मिश्रण को एक निश्चित अनुपात में मिलाकर दें.

साल भर चारे की उपलब्धता के लिए नैपियर घास, बरसीम या मक्का उगाएं. जिससे पशु का दूध उत्पादन बढ़ता है.

दूध में कैल्शियम और मिनरल्स की कमी न हो, इसके लिए प्रतिदिन 50-100 ग्राम खनिज मिश्रण जरूर देना चाहिए.

एक गाय को लगभग 40-50 वर्ग फुट जगह दें. शेड की छत ऊंची और हवादार हो ताकि गर्मियों में लू से बचाव हो सके.

गोबर को शेड से दूर रखें. फर्श को सूखा रखें ताकि ‘थनैला’ जैसी बीमारी का खतरा कम हो.

प्रजनन और नस्ल सुधार भी करें. इसके लिए सेक्स सॉटेंड सीमेन का उपयोग करें. इससे 90% संभावना बछिया पैदा होने की होती है.

इससे डेयरी का विस्तार तेजी से होता है. वहीं पशु के ‘हीट’ में आने के 12-18 घंटों के भीतर कृत्रिम गर्भाधान (AI) कराना सुनिश्चित करें.

दूध से पनीर, खोया, दही, लस्सी और धी तैयार करें. ब्रांडिंग करके स्थानीय बाजार या मिठाई की दुकानों पर सीधे सप्लाई करें.

गोबर से बायोगैस बनाकर ईंधन की बचत करें और बचे हुए स्लरी से जैविक खाद तैयार कर बेचें.

बिहार सरकार की गाय-भैंस खरीदने में मिलने वाले अनुदान की योजनाओं से जुड़ें.

सरकार की टीकाकरण एवं पशु चिकित्सा आपके द्वार योजना का लाभ उठायें.

अपने कीमती पशुओं का ‘पशु बीमा’ अवश्य कराएं. इससे कोई आपदा आने पर नुकसान कम होगा.

Written by
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