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Dairy: मध्य प्रदेश के 26 हजार गांवों तक पहुंचेगा डेयरी नेटवर्क, बढ़ेगी डेयरी किसानों की इनकम

भैंस को दिन में दो-तीन बार नहलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सरकार डेयरी सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई ताकत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर ही है. सरकार अब डेयरी नेटवर्क को गांव-गांव तक पहुंचाने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर विस्तार योजना पर काम कर रही है. डेयरी विकास योजना के तहत अगले चरण में प्रदेश के 26 हजार गांवों को डेयरी नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही प्रतिदिन दूध संकलन को बढ़ाकर 52 लाख किलो ग्राम तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है. इससे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी.

सरकार केवल दूध उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि डेयरी सेक्टर को आधुनिक और तकनीक आधारित उद्योग के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है. इसी उद्देश्य से नई डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट, दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाइयों और पशु चारा संयंत्रों के अधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे दूध की गुणवत्ता बेहतर हो और पशुपालकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके.

इन पशुपालकों का सम्मान करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर डेयरी से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित कर आदर्श पशुपालकों का सम्मान करने की योजना बनाई है.

साथ ही दुधारू पशुओं की प्रदर्शनी और डेयरी संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.

इसका उद्देश्य डेयरी व्यवसाय को पारंपरिक दायरे से बाहर निकालकर इसे रोजगार और किसानों की इनकम का बड़ा माध्यम बनाना है.

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और एमपी स्टेट को-ऑप्रेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच हुए कार्यअनुबंध के बाद प्रदेश में डेयरी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है.

वर्ष 2025-26 से 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया है. इससे बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक डेयरी गतिविधियों से जुड़ रहे है.

दूध की गुणवत्ता और सुरक्षित संग्रहण तय करने के लिए प्रदेश में 153 नए बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए है.

इसके अलावा दूध और दुग्ध उत्पादों की क्रेडिट पर बिक्री पूरी तरह बंद कर दी गई है, ताकि भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सके.

निष्कर्ष
गौरतलब है कि सरकार राज्य को मिल्क कैपिटल बनाना चाहती है. इसका मतलब ये है कि राज्य को देश का नंबर वन दूध उत्पादन देश बनाने की योजना है. जिससे किसानों को भी फायदा हो और देश को भी.

Written by
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