Home पशुपालन World Animal Day: जानें देश में कितनी है मवेशियों की संख्या, कैसे मिल रहा है इनका फायदा
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World Animal Day: जानें देश में कितनी है मवेशियों की संख्या, कैसे मिल रहा है इनका फायदा

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. देश में मवेशियों की संख्या 30 करोड़ है. जिसमें गाय और भैंस दोनों शामिल हैं. यही वजह है कि भारत दुनिया में नंबर वन दूध उत्पादक देश है. इन मवेशियों की बदौलत देश वैश्विक दूध उत्पादन में 24.76 फीसदी का योगदान देता है. साल 2014-15 तक भारत 146.31 मिलियन टन दूध का उत्पादन कर रहा था लेकिन 2023-24 के दौरान 239.30 मिलियन टन दूध उत्पादन हो गया है. यही वजह है कि भारत के बाद सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला विकसित देश अमेरिका भी हमारे आसपास नहीं है.

आज विश्व पशु दिवस (World Animal Day) है. इसलिए ये जानना जरूरी है कि देश में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या कर रही है. बता दें कि सरकार कई योजनाएं चला रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान पशुओं को पालें और उनकी इनकम बढ़े. सरकार का मानना है कि पशुपालन से किसान अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं. इससे देश में और ज्यादा दूध उत्पादन बढ़ जाएगा. जिसका फायदा देश को ही नहीं किसानों को भी मिलेगा.

सेहत पर भी है ध्यान
जहां देश में इतनी बड़ी संख्या में पशु हैं तो उनकी सेहत का भी ख्याल रखना होता है. उनके लिए हर जरूरत को पूरा करना भी जरूरी है.

ऐसे में सरकार मुफ्त में वैक्सीन लगाती है. ताकि पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सके. सरकार की तरफ से एफएमडी समेत तमाम बीमाारियों की फ्री वैक्सीन उपलब्ध है.

भारत को डेयरी निर्यात के लिए तैयार करने की आवश्यकता के मद्दनेजर न सिर्फ एफएमडी बल्कि ब्रुसेलोसिस पर भी कंट्रोल करने की दिशा में काम हो रहा है.

मवेशियों की संख्या ज्यादा होने के चलते मीथेन गैस उत्सर्जन की भी समस्या है. इस वजह से इसपर कंट्रोल करने के लिए भी काम किया जा रहा है.

इस दिशा में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एनडीडीबी के नेतृत्व में काम हो रहा है और पशुओं को ऐसा संतुलित चारा दिया जा रहा है, जिससे मीथेन गैस उत्सर्जन में 15 फीसद तक कमी आई है.

पशुपालकों को खाद प्रबंधन और बायोगैस के फायदे समझाए जा रहे हैं. न सिर्फ फायदे बताए जा रहे हैं बल्कि तीन से चार मवेशियों वाले किसानों को 2 घन मीटर क्षमता के छोटे बैकयार्ड बायोगैस प्लांट दिए जा रहे हैं.

देश में मवेशियों की बड़ी संख्या का फायदा उठाने के लिए एनडीडीबी सरकार के सहयोग से आने वाले वर्षों में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां स्थापित करने का लक्ष्य रखती है. जिससे दूध उत्पादन बढ़ेगा.

इसके अलावा उन्नत तकनीकों जैसे सेक्स-सॉर्टेड सीमेन, जीनोमिक चिप्स और एम्ब्रियो ट्रांसफर के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.

निष्कर्ष
सरकार की चाहती है कि एक तरफ किसान अपनी इनकम को दोगुना करें तो दूसरी ओर देश में दूध उत्पादन में भी इजाफा हो. इसलिए ये तमाम काम किए जा रहे हैं.

Written by
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