Home डेयरी Dairy News: मध्य प्रदेश में 12 करोड़ के खर्च से बनेगी दूध व डेयरी प्रोडक्ट की जांच करने वाली हाईटेक प्रयोगशाला
डेयरी

Dairy News: मध्य प्रदेश में 12 करोड़ के खर्च से बनेगी दूध व डेयरी प्रोडक्ट की जांच करने वाली हाईटेक प्रयोगशाला

सामान्य तौर पर गाय ढाई से 3 वर्ष में और भैंस तीन से चार वर्ष की आयु में प्रजनन योग्य हो जाती हैं. प्रजनन काल में पशु 21 दिनों के अंतराल के बाद गाभिन करा देना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. इसके लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है. ताकि राज्य में दूध उत्पादन बढ़े. जिसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि किसानों की इनकम बढ़ जाएगी. क्योंकि किसानों को लोन और उसपर सब्सिडी देकर उन्हें पशुपालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. राज्य में दूध उत्पादन बढ़ने का ये भी फायदा है कि इससे आम लोगों को अच्छी क्वालिटी का दूध और डेयरी प्रोडक्ट मिल सकेगा. जिसके लिए सरकार कोशिश कर रही है.

असल में सरकार दूध और इससे बने डेयरी प्रोडक्ट की जांच के लिए सरकार हाईटेक डेयरी बनाने की योजना पर काम कर रही है. ताकि राज्य में डेयरी दूध और डेयरी प्रोडक्ट की शुद्धता की जांच हो सके, जिससे आम जनता को शुद्ध दूध और डेयरी प्रोडक्ट मिल सके. इसलिए दूध से जुड़े डेयरी प्रोडक्टों की शुद्धता जांचने के लिए राज्य में टेस्टिंग लेबोरेटरी जल्द ही बनाने की योजना है.

यहां पढ़ें क्या होंगी सुविधाएं
मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से बताया गया है किदूध और दूध से जुड़े डेयरी प्रोडक्टों की शुद्धता जांचने के लिए प्रदेश में पहली बार हाईटेक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है.

केन्द्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट परियोजना द्वारा स्वीकृत यह लैब राज्य की पहली प्रयोगशाला होगी.

जहां दूध और दूध उत्पादों की जांच हो सकेगी. प्रयोगशाला के निर्माण के लिए भारत सरकार ने 12.40 करोड़ का अनुदान दिया है.

इसके तहत अत्याधुनिक सात मशीनों की खरीदी पूरी हो चुकी है, शेष की खरीदी प्रक्रिया जारी है.

प्रयोगशाला में दूध एवं दुग्ध पदार्थों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी. इसमें पेस्टिसाइड्स, एंटीबायोटिक्स, हेवी मेटल्स जैसी कई जांच हो सकेंगी.

मिलावट की आशंका पर शुद्धता जांचने के लिए लैब का इस्तेमाल आम आदमी से लेकर देश एवं प्रदेश की खाद्य उत्पादक संस्थाएं कर सकेंगी.

यह प्रयोगशाला केंद्र शासन के वित्तीय सहयोग से स्थापित की जा रही है, जिसे (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) तथा (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) से मान्यता प्राप्त होगी.

इसके निर्माण और फिर शुरू होने से दूध की क्वालिटी की जांच होगी और डेयरी प्रोडक्ट की भी. लोगों को मिलावटी दूध, दही, मावा, पनीर आदि से राहत मिलेगी.

खासकर त्योहारों के मौके पर मिलावटी और नकली डेयरी प्रोडक्ट की बाढ़ सही आ जाती है. अब जांच से दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Livestock Health and Disease Control Programme (LHDCP): to provide for prophylactic vaccination against animal diseases, capacity building of veterinary services, disease surveillance, and strengthening veterinary infrastructure.
डेयरी

Milk Production: सिक्किम में 79 फीसद बढ़ गया दूध उत्पादन, हर दिन 2.45 लाख लीटर हो रहा प्रोडक्शन

नई दिल्ली. सिक्किम में डेयरी सेक्टर में कई काम हुए हैं. जिसका...

डेयरी

Dairy News: सिक्किम में स्वदेशी पशु नस्लों का होगा संरक्षण, सहकारी समितियां होंगी मजबूत

नई दिल्ली. सिक्किम के मंगन में नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट मिल्क यूनियन (NDMU) में...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरी

Milk Production: सस्ती और आसानी से मिलने वाली चीजों से ठंड में बढ़ाएं पशुओं का दूध उत्पादन

नई दिल्ली. अक्सर पशुपालक भाई अपने डेयरी पशुओं के दूध के उत्पादन...