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Milk Production: पांच साल में हजारों सहकारी स​मितियों का होगा गठन, एनडीडीबी ने किया ऐलान

कार्यक्रम में दिया गया सम्मान.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB द्वारा पार्टनर्स के सहयोग से आयोजित सहकारी समृद्धि सेमिनार में पुडुचेरी में डायमंड जुबली के मौके पर आयेजित हुए कार्यक्रम में NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने डेयरी सहकारिता की उपलब्धियों पर रोशनी डाली. उन्होंने कहा कि सहकारिताएं एक बेहतर दुनिया का निर्माण करती हैं. भारत सरकार के सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण के साथ मजबूत रूप से जुड़ता है. उन्होंने बताया कि कैसे डेयरी सहकारिताएं छोटे और सीमांत किसानों को स्थिर आय, बाजारों और पशु चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करके सशक्त बनाती हैं और समृद्धि लाती हैं.

डॉ. शाह ने यह भी कहा कि सहकारी क्षेत्र नए उभरते चैलेंजेस और अवसरों का सामना करने के लिए विविधता ला रहा है. उन्होंने तीन नए बहु-राज्य सहकारी समाजों की स्थापना की ओर इशारा किया.

चेयरमैन ने क्या बड़ी बातें कहीं
डॉ. मीनेश शाह ने व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 के लिए एनडीडीबी की दृष्टि को आउटलाइन करते हुए, डॉ. शाह ने अगले पांच वर्षों में 75 हजार नए सहकारी समितियों की स्थापना की योजना की घोषणा की.

इस प्रकार आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का समर्थन किया, जो 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ संरेखित है.

उन्होंने दक्षिण भारत की सहकारी समितियों कर्नाटका मिल्क फेडरेशन, तमिलनाडु मिल्क फेडरेशन (आविन मिल्क), केरल मिल्क फेडरेशन, विजया डेयरी, और पोंलाइट (पुदुचेरी) के योगदान को मान्यता दी, जो डेयरी फार्मिंग को व्यवहार्य और लाभदायक बनाने में सहायक रही.

जबकि किसानों-केंद्रित विकास के लिए एनडीडीबी की प्रतिबद्धता की पुष्टि की. कहा कि नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड जो जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड बीज उत्पादन, वितरण और नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड ने भारत के सहकारी निर्यात को बढ़ावा दिया है.

डॉ. शाह ने नवीकरण किए गए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता की ओर इशारा करते हुए कि भारत की सहकारी आंदोलन ने किसानों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना जारी रखा है.

वहीं पुडुचेरी के उपराज्यपाल, थिरु. के कैलाशनाथन ने सहकारी आंदोलन के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर दिया. जिसने 1.72 करोड़ किसानों को गाँव-स्तरीय सोसाइटी के माध्यम से सशक्त बनाया.

मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने एनडीडीबी के ऑपरेशन फ्लड और श्वेत क्रांति की विरासत पर प्रकाश डाला, जिसने भारत को दूध का सबसे बड़ा निर्माता बना दिया.

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