नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड देशभर में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने का काम कर रहा है. ताकि देश में दूध उत्पादन और बढ़े. जबकि इसका फायदा किसानों को भी मिले. जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो इसका फायदा सीधे तौर पर ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को ही होगा. अलग—अलग राज्यों का दौरा कर रहे एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने छत्तीसगढ़ का भी दौरा किया और यहां उन्होंने डेयरी विकास के लिए एनडीडीबी की ओर से की जा रही अहम पहलों के बारे में मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की.
बता दें कि डॉ. मीनेश सी शाह अध्यक्ष, राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) (CMO Chhattisgarh) से मुलाकात की. इस अहम बैठक में एनडीडीबी द्वारा राज्य में किसानों को केंद्र में रखकर संचालित की जा रही डेयरी विकास पहलों पर गहन चर्चा की गई. जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना है और इसका फायदा राज्य के लोगों को पहुंचाना है.
बुनियादी ढांचे का होगा विकास
चर्चा के दौरान, छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्तावित डेयरी विकास योजना पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें श्वेत क्रांति 2.0 के अंतर्गत डेयरी सहकारी संस्थाओं का विस्तार होना है.
इसके अलावा इसमें पशु समावेशन सहित उत्पादकता बढ़ाने जैसे कार्यक्रमों के चलाने और डेयरी प्रोसेसिंग करने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास भी शामिल है.
एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनेश शाह ने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के एनडीडीबी प्रबंधन में ट्रांसफर के बाद हुई प्रगति से भी अवगत कराया.
उन्होंने डेयरी मूल्य शृंखला को सशक्त बनाने की पहलों तथा दूध एवं दुग्ध उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए ‘देवभोग’ Devbhog Milk ब्रांड को मजबूत करने पर जोर दिया.
एनडीडीबी के अध्यक्ष की ओर से इसको मजबूत करने के लिए दिए जा रहे सहयोग की अपेक्षा की. जिससे दूध उत्पादक किसानों को बेहतर रिजल्ट दिया जा सके.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रस्तावित पहलों के जल्द से जल्द चलाने के लिए सहयोग करने की बात ही.
उन्होंने प्रभावी संचलान के लिए राज्य सरकार की ओर से राज्य महासंघ एवं एनडीडीबी को आवश्यक सहयोग का हर संभव आश्वासन दिया.
इस मौके पर शहला निगार, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, छत्तीसगढ़ सरकार, एस. रघुपति, कार्यपालक निदेशक, एनडीडीबी, चंद्रकांत वर्मा, निदेशक, पशु चिकित्सा सेवाएं, छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग, डॉ. सैकत सामंता, प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ तथा राज्य सरकार, एनडीडीबी एवं राज्य दुग्ध महासंघ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.












