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Dairy News: स्वदेशी विज्ञान और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देकर डेयरी सेक्टर को किया जाएगा मजबूत

बैठक में एनडीडीबी के चेयरमैन और अन्य लोग.

नई दिल्ली. स्वदेशी विज्ञान और टेक्नोलॉजी का एक साथ इस्तेमाल करके डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने NDDB, आनंद में विज्ञान भारती के नेशनल जॉइंट ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी प्रवीण रामदास, NIPER के डायरेक्टर डॉ. शैलेंद्र सराफ और CVM यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट प्रो. इंद्रजीत पटेल के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इस बैठक का मकसद डेयरी सेक्टर के लिए विज्ञान, रिसर्च और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करना था.

गौरतलब है कि विज्ञान भारती (जिसे VIBHA भी कहा जाता है) एक राष्ट्रीय संगठन है जो स्वदेशी विज्ञान और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए काम करता है. जबकि कई देश में कई स्वदेशी टेक्नॉलाजी का काम कर रही है.​ जिसमें डेयरी सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी सेक्स-सॉर्टेड सीमेन भी है.

रेशन बैलेंसिंग प्रोग्राम पर हुई चर्चा
डॉ. शाह ने डेयरी वैल्यू चेन में NDDB की रिसर्च-आधारित पहलों पर प्रकाश डाला। इनमें ‘GauSort’ के ज़रिए पशु जेनेटिक्स में हुई प्रगति शामिल है.

यह NDDB की स्वदेशी ‘सेक्स-सॉर्टेड सीमेन टेक्नोलॉजी’ है, जिससे लगभग 90% सटीकता के साथ मादा बछड़ों का उत्पादन संभव होता है.

उन्होंने कम लागत वाले हर्बल फॉर्मूलेशन के ज़रिए पशुओं की आम बीमारियों के इलाज के लिए ‘एथनो वेटेरिनरी मेडिसिन’ (EVM) के इस्तेमाल के बारे में भी बताया.

इससे एंटीबायोटिक का इस्तेमाल कम करने और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से निपटने में मदद मिलती है. बैठक में ‘रेशन बैलेंसिंग प्रोग्राम’ (RBP) पर भी चर्चा हुई.

जो मीथेन उत्सर्जन को कम करते हुए चारे की क्षमता और दूध के उत्पादन को बेहतर बनाता है.

साथ ही, NDDB की बायोगैस और खाद प्रबंधन पहलों पर भी बात हुई, जो डेयरी सेक्टर में सर्कुलैरिटी और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देती हैं.

श्री रामदास ने डेयरी और पशु जेनेटिक्स के क्षेत्र में विज्ञान भारती की पहलों के बारे में बात की.

उन्होंने कृषि और पशु चिकित्सा संस्थानों के साथ सहयोग के जरिए पारंपरिक भारतीय वैज्ञानिक ज्ञान को आधुनिक रिसर्च के साथ जोड़ने के प्रयासों पर जोर दिया.

उन्होंने डेयरी सेक्टर में बेहतर तौर-तरीकों को बढ़ावा देने और ज्ञान साझा करने के लिए वैज्ञानिकों, इंडस्ट्री के विशेषज्ञों और किसानों को एक साथ लाने में राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार और ‘साइंस इंडिया’ मैगज़ीन की भूमिका पर भी प्रकाश डाला.

वहींप्रतिनिधिमंडल ने NDDB की पहलों की सराहना की और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने में रुचि दिखाई.

Written by
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