Home पशुपालन Animal Husbandry: गौशाला से पाइप लाइन के जरिए खाना पकाने की गैस पहुंचाएगी सरकार
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Animal Husbandry: गौशाला से पाइप लाइन के जरिए खाना पकाने की गैस पहुंचाएगी सरकार

मध्य प्रदेश के एक गौशाला में चारा खाती गायें.

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश ने गौपालन के जरिए स्वावलंबन और गौवंश संरक्षण का नया दृष्टिकोण” पेश किया गया है. अब इससे उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण, स्वावलंबी गौशालाओं के मॉडल, बायोगैस, गोमूत्र डेयरी और वैल्यू एडिशन पर काम हो रहा है. अपर मुख्य सचिव, पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश मुकेश कुमार मेश्राम की मानें तो इसके लिए गौ संरक्षण का दायरा बढ़ाया जा रहा है. वर्ष 2017 से राज्य सरकार ने इसे बड़े अभियान के रूप में लिया है. चारागाहों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. वर्तमान में प्रदेश की 7,700 से अधिक गौशालाओं में लगभग 15 लाख निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं. सरकार इस कार्य पर प्रतिवर्ष लगभग 2 हजार करोड़ से अधिक धनराशि खर्च कर रही है.

गौशालाओं के संचालन और भरण-पोषण के लिए प्रति गोवंश 50 प्रतिदिन यानि 1,500 प्रति माह की सहायता दी जाती है. गौशालाओं का स्वावलंबन मॉडल यानि बायोगैस व ऊर्जा गौशालाओं को केवल खर्च का केंद्र न मानकर आमदनी का जरिया बनाया जा रहा है. गोबर से बड़े बायोगैस प्लांट चलाए जा रहे हैं, जिससे निकलने वाली गैस से जनरेटर चलते हैं, गौशाला में पंखे, पानी की मोटर और आटा चक्की चलाई जाती है.

4 गोवंश अपने घर ले जा सकता है
बायोगैस की स्लरी से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद (वर्मी कंपोस्ट) बनती है, जिसे किसान ले जाते हैं और बदले में गौशाला के लिए चोकर-खल दान करते हैं.

आने वाले समय में 5,000 गोवंश क्षमता वाले बड़े क्लस्टरों से नजदीकी गांवों तक पाइपलाइन के जरिए खाना पकाने की गैस (बायोगैस) पहुंचाने की योजना है.

बुलंदशहर (नारसेना ऑर्गेनिक) में गोमूत्र डेयरी की स्थापना की गई है. 25 से अधिक ग्रेविटी वाला शुद्ध गोमूत्र किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों से 10 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जाता है.

सरकारी गौशालाओं में फर्श पर ढलान बनाकर ड्रम लगाए गए हैं, जहाँ रातभर में जमा गोमूत्र फिल्टर कर एकत्र किया जाता है.

इससे कीटनाशक व रसायन मुक्त खेती (Natural Farming) के उत्पाद बनते हैं और महिलाओं को घर बैठे नियमित आमदनी मिलती है.

बता दें कि भूसा केवल फिलर (पेट भरने) का काम करता है, उसमें पोषण केवल 0.1 परसेंट से 1 फीसद तक ही होता है.

गोचर भूमि पर बारहमासी (Perennial) नेपियर घास उगाने का मॉडल विकसित किया गया है.

हाथरस और अन्य जिलों की गौशालाओं तथा कृषि विश्वविद्यालयों में इसे बड़े पैमाने पर बढ़ाया जा रहा है.

पौष्टिक हरा चारा मिलने से गायों का कंसेप्शन रेट (गर्भधारण दर) बढ़ता है और जो गायें दूध देना बंद कर चुकी थीं, वे फिर से दुग्ध चक्र में लौट आती हैं.

हर गौशाला में प्रति 50 गायों पर एक उच्च गुणवत्ता वाले नंदी की व्यवस्था की जा रही है.

कृत्रिम गर्भाधान (AI) और प्राकृतिक क्रॉसिंग के माध्यम से देशी नस्ल सुधार कर भविष्य में दुधारू बछियां तैयार की जा रही हैं.

वहीं मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत कोई भी इच्छुक किसान या पशुपालक गौशाला से अधिकतम 4 गोवंश अपने घर ले जा सकता है.

इसके पालन-पोषण के लिए सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान दिया जाता है. प्रदेश के लगभग 1.5 लाख पशुपालक इस योजना से जुड़कर लाभ उठा रहे हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Related Articles

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries News: मछली पालन में नुकसान होने पर एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद करती है सरकार

नई दिल्ली. जैसे-जैसे जलीय कृषि का विस्तार नए फार्मों के माध्यम से...

CIRB will double the meat production in buffaloes, know what is the research on which work is going on. livestockanimalnews animal Husbandry
पशुपालन

Animal Husbandry: पशु की आंख से निकल रहा है पानी तो खुद न करें इलाज, इसे हल्के में भी न लें

नई दिल्ली. पशुपालन में पशुओं की देखरेख के दौरान कई बार आपने...

पशुपालन

Animal Disease: लंपी स्किन डिजीज पर यूपी ने पा लिया काबू, समय पर इलाज से जल्द ठीक हो रहे पशु

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग के रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र...