Home डेयरी Dairy Sector: जानें, डेयरी सेक्टर में इस किसान ने ऐसा क्या किया कि दिया जा रहा है सीएम आवार्ड
डेयरी

Dairy Sector: जानें, डेयरी सेक्टर में इस किसान ने ऐसा क्या किया कि दिया जा रहा है सीएम आवार्ड

पशुओं को खनिज मिश्रण (मिनेरल पाउडर) खिलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक फोटो। livestockanimalnews

नई दिल्ली. पशुपालन करके ​किसान अपनी इनकम को बढ़ा सकते हैं. पिछले कुछ वर्षों में सरकार की भी यही कोशिश रही है कि किसी तरह से किसानों की आमदनी को बढ़ाया जाए. इसको लेकर सरकार भी पशुपालन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. सरकार की कोशिश है कि, ज्यादा से ज्यादा किसान कृषि के अलावा पशुपालन भी करें, ताकि वो आत्मनिर्भर बन सकें और इसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को भी हो. यही वजह है कि सरकार पशुपालन करने वाले किसानों को आर्थिक मदद भी मुहैया कराती है और पशुओं का बीमा भी करती है.

इसी कड़ी में गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना 13 सितंबर 2024 को होने वाले पशु पालन मेले में राज्य के प्रगतिशील पशुपालकों को तीन पुरस्कार प्रदान करेगा. विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. प्रकाश सिंह बराड़ ने कहा कि पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय अपने विस्तार और आउटरीच कार्यक्रमों को मजबूत करके राज्य में पशुधन क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. पशुपालकों की विभिन्न श्रेणियों को प्रेरित करने के लिए यूनिवर्सिटी ने पशुपालन की विभिन्न श्रेणियों में मुख्यमंत्री पुरस्कार दिए जाते हैं. उन्होंने बताया कि इस अवार्ड को देने का ये भी मकसद है कि और भी किसान इससे प्रेरित हों और पशुपालन में हाथ अजामाएं.

145 गायें हैं, इतना होता है दूध उत्पादन
आने वाले मेले के दौरान प्रगतिशील पशुपालकों को दिए जाने वाले तीन सीएम पुरस्कार क्रमशः ‘पशुपालन, मुर्गी पालन और पशुधन उत्पादन के मूल्य संवर्धन में सीएम पुरस्कार’ हैं. आखिरी फैसले के बाद यूनिवर्सिटी ने विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी है. बताया जा रहा है कि पशुपालन श्रेणी में, हरप्रीत सिंह पुत्र लखबीर सिंह, वीपीओ सोहल, जिला तरनतारन को पुरस्कार मिलेगा. उनके पास 145 गायें हैं और उनके फार्म में प्रतिदिन 12.5 क्विंटल दूध का उत्पादन होता है.

वेस्ट मैनेजमेंट का है आटोमेटिक स्क्रैपर
डेयरी किसान ने एक आधुनिक मिल्किंग पार्लर और एक अत्याधुनिक शेड स्थापित किया है. उन्होंने अपने सभी पशुओं को टैग किया है और पशुओं की हर गतिविधि को रिकॉर्ड करने के लिए सभी आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं. उनके पास डेयरी वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एक आटोमेटिक स्क्रैपर है. उन्होंने साइलेज बनाने के लिए साइलो पिट्स को अच्छी तरह से बनाए रखा है और साइलेज और फ़ीडिंग के लिए सांद्रण को मिलाने के लिए टोटल मिक्स्ड राशन मशीन का उपयोग करते हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy: तेलंगाना में दूध की खरीद को बढ़ाने में सहयोग करेगा एनडीडीबी, सरकार से हुआ समझौता

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने तेलंगाना राज्य में सहकारी...

पनीर असली है या नकली इसकी पहचान करने का सबसे पहला तरीका यह है कि पनीर के टुकड़े को हाथों से मसलकर देखें.
डेयरी

Dairy: डिटर्जेंट और यूरिया मिलाकर बना रहे पनीर, जांच करने पर नमूनों में मिली 97 फीसद तक मिलावट

नई दिल्ली. राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy Sector: पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी डेयरी नेटवर्क को विस्तारित करेगी सरकार

नई दिल्ली. अगर कहीं भी सरकार सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार करती...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Milk Production: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी किसानों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि

नई दिल्ली. बिहार के बरौनी सुधा डेयरी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों...