नई दिल्ली. अंडे को लेकर भले ही एक तरफ ये बस चलती हो कि ये वेज है या नॉनवेज, लेकिन दूसरी ओर अंडा (Egg) बड़ी ही तेजी के साथ लोगों के घरों में जगह बनाता जा रहा है. अंडा लोगों की डाइट का अहम हिस्सा हो गया. हो भी क्यों न, कोराना के बाद लोग अपनी हैल्थ के प्रति ज्यादा सोचने लगे हैं. जबकि अंडा एक ऐसा स्पेशल फूड है, जो प्रोटीन का भंडार है. ऐसे में छोटे, बड़े बुजुर्ग और महिलाओं सभी के लिए अंडों का सेवन फायदेमंद है. वहीं न्यूट्रीशियन एक्सपर्ट भी कहते हैं कि एक व्यक्ति को साल में तकरीबन 280 अंडे खाने चाहिए.
ऐसे में अंडे की खपत बढ़ रही है. अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो साल 2016-17 में जहां प्रति व्यक्ति के हिस्से में महज 68 अंडे आते थे, वहीं अब ये संख्या बढ़कर 103 तक पच गई है. हालांकि न्यूट्रीशियन एक्सपर्ट का ये भी मनना है कि सभी को हैल्दी रहने के लिए और प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए 280 अंडों का ग्राफ छूना ही होगा.
कितना हो रहा है उत्पादन
गौरतलब है कि देश में हर साल पोल्ट्री कारोबार 10 फीसद की तेजी के साथ बढ़ रहा है. इसमें अंडों का कारोबार भी शामिल है.
वहीं अंडों के उत्पादन की बात की जाए तो इसमें भी हर साल ग्रोथ देखी जा रही है. साल दर साल अंडों का उत्पादन और खपत बढ़ रही है.
साल 2016-17 के अंकड़ों को देखें तो देश में 8814 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ था. जो मौजूदा आंकड़े का लगभग आधे के करीब है.
वहीं साल 2022-23 के दौरान अंडे के उत्पादन में वृद्धि हुई. इस साल देश में 13818 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ.
वहीं साल 2023-24 के आंकड़े की बात की जाए तो देश में 14277 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ है.
साल में कितनी हुई खपत
खपत की बात की जाए तो साल 2016-17 में जहां प्रति व्यक्ति अंडों की उपलब्धता 68 प्रति वर्ष थी, अब ये 100 के पार है.
प्रति व्यक्ति 2022-23 में अंडों की खपत 95 हो गई थी. जिससे पता चलता है कि लोगों का रुझान इस ओर बढ़ा है.
नेशनल एग क्वार्डिनेशन कमेटी के एक्सपर्ट कहते हैं कि हैल्थ के प्रति लोग इस कदर जागरुक हुए हैं कि अब प्रति व्यक्ति हर साल अंडों की खपत 103 तक पहुंच गई है.
निष्कर्ष
पोल्ट्री सेक्टर पर करीब से नजर रखने वाले एक्सपर्ट का कहना है कि अंडों का उत्पादन और खपत लगातार बढ़ रही है. साल 2023 और 2024 के आंकड़ों को ही मिला लें तो 3 फीसद से ज्यादा अंडों के उत्पादन में ग्रोथ आई है. इससे पता चलता है कि लोगों का अंडों के प्रति रुझान बढ़ा है.












