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Dairy: पशुओं को खिलाएं इस तरह का फीड, होगा खूब दूध उत्पादन, पढ़ें इस बारे में एक्सपर्ट की राय

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
प्रतीकात्मक फोटो. Live stockanimal news

नई दिल्ली. वेटरनरी यूनिवर्सिटी में डेयरी पशुओं के फीड को लेकर एक चर्चा का आयोजन किया गया है. जहां कई एक्सपर्ट इकट्ठा हुए और अपनी राय रखी. इस दौरान डॉ. प्रकाश सिंह बराड़, निदेशक प्रसार शिक्षा, गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने कहा कि किफायती लागत पर मौजूद संतुलित पशु आहार डेयरी फार्म को फायदेमंद बनाए रखने की कुंजी है. वह यूनिवर्सिटी द्वारा पशुपालकों को पशुओं के लिए अच्छा और संतुलित आहार कैसे बनाया जाए.

चर्चा में पशु पोषण विशेषज्ञ एवं अतिरिक्त निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. परमिंदर सिंह ने संतुलित आहार, उसके प्रकार एवं क्वालिटी पर बात की. उन्होंने आहार में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता के बारे में जानकारी दी. डॉ. जसपाल सिंह हुंदल ने पशु फीड में पाए जाने वाली विभिन्न सामग्रियों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि गाभिन पशुओं का पहले और बाद का फीड बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने धातु का चूरा, बाईपास वसा और जानवरों की चाट के बारे में बताया और यूनिवर्सिटी में फ़ीड टेस्ट सुविधा पर भी प्रकाश डाला.

फीड के असर पर की चर्चा
डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा, पशु चिकित्सालय के निदेशक ने पशुओं को कम भोजन या अधिक भोजन देने के प्रतिकूल प्रभावों के बारे में बताया. उन्होंने पशुओं में आहार के कारण होने वाली एसिडिटी, लंगड़ापन और थन की सूजन जैसी बीमारियों के बारे में जानकारी दी. पशुपालन विभाग पंजाब के अधिकारी डॉ. अमरप्रीत सिंह पन्नू ने फ़ीड को लेकर राज्य में पाई गई जमीनी हकीकत पर चर्चा की. फ़ीड एसोसिएशन के संयुक्त सचिव विकास कालरा ने कहा कि पशुओं के लिए व्यावसायिक फ़ीड का उपयोग करने का चलन बढ़ रहा है, इसलिए हमें फ़ीड की गुणवत्ता के बारे में अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है.

फोन करके पूछें अपने सवाल
इस चर्चा में पंजाब, बिहार, हिमाचल, राजस्थान राज्यों के 250 से अधिक प्रतिभागियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों और साइंसदानों ने हिस्सा लिया. 50 से ज्यादा पार्टीसिपेंट के सवाल का जवाब इस चर्चा के दौरान दिया गया. डॉ. जसविंदर सिंह ने संयोजक के तौर चर्चा को सुचारु रूप से पूरा किया. किसानों से कहा गया कि वो किसी भी दिन किसान सहायता फोन नंबर 62832-97919 एवं 62832-58834 पर संपर्क कर कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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