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Government Scheme: बिहार सरकार मछुआरों को दे रही है आर्थिक मदद, यहां पढ़ें योजना की डिटेल

Under the Prime Minister Matsya Sampada Yojana (PMMSY), the flagship scheme of the Government of India in Andhra Pradesh, a total investment of Rs 2300 crore has been envisaged in the fisheries sector for five years. livestockanimalnews
समुंद्र से मछली पकड़ते मछुआरे. Live stockanimalnews

नई दिल्ली. बिहार सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2025-26 में नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना” के तहत आवेदन मांग गए हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के फिशरीज सेक्टर से सहयोग समिति के सदस्य, परंपरागत मछुआ लाभुकों को नाव एवं जाल पैकेज अनुदानित दर पर उपलब्ध कराते हुए मछली उत्पादन और मछली पालकों के वार्षिक आय में ग्रोथ करना है. योजना के तहत अंतिम रूप से निर्धारित इकाई लागत का 90 प्रतिशत सब्सिडी राज्य फिशरीज सेक्टर से जुड़े लोगों को देगी. सहयोग समिति के सदस्य, परंपरागत मछुआ लाभुकों के लिए होगी. बाकी राशि लाभार्थी द्वारा खुद या बैंक लोन के जरिए खुद उठानी होगी.

वर्ष 2025-26 में “नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना” राज्य के सभी जिलों में चलाई जा रही है. ताकि सभी को फायदा मिल सके.

यहां पढ़ें योजना की तमाम डिटेल
फिशिंग उडेन बोट पैकेज पर 1 लाख 24 हजार 400 रुपए खर्च आएगा. जबकि फिशिन एआरपी बोट पैकेज पर 1लाख 54 हजार 400 रुपए और कॉस्ट (फेका) जाल पैक पर 16 हजार 7 सौ रुपए का खर्च आएगा.

नाव और जाल पैकेज वितरण योजना के तहत फायदा लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदक के द्वारा अपना मोबाईल नंबर तथा बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड देना होगा.

आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता, मत्स्य शिकारमाही कार्य करने संबंधी अनुशंसा और स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र (यदि प्रशिक्षित हो) आदि की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न किया जायेगा.

योजना के तहत राज्य के मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य जिन्हे परवाना प्राप्त है, मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य जिन्हे परवाना प्राप्त नहीं है, परंपरागत मछुआ, महिला-मछुआ, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के मछुआ लाभुकों-जो मत्स्य शिकारमाही कार्य करते हैं वो आवेदन कर सकते हैं.

आवेदक द्वारा मछली शिकारमाही से संबंधित सुबूत, मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मत्स्य शिकारमाही कार्य करने वाले-सदस्यगण जिन्हे परवाना प्राप्त है, वे अपने समिति के मंत्री अथवा अध्यक्ष तथा मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य जिन्हें परवाना प्राप्त नहीं है, गैर सदस्य-परंपरागत मछुआ-जो मत्स्य शिकारमाही कार्य करते हैं, वे अपने जन-प्रतिनिधि यथा-मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष से मत्स्य शिकारमाही का कार्य करने संबंधी अनुशसा आवेदन-पत्र के साथ लगाना होगा.

प्रस्तावित योजना के तहत राज्य के फिशरीज सेक्टर से जुड़े लोगों को सहयोग समिति के सदस्य, मछुआ-लाभुकों, जो मत्स्य शिकारमाही कार्य करते हैं के एक व्यक्ति अथवा एक परविार को फिशिंग उडेन बोट पैकेज, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज तथा कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज अवयवों में से अधिकतम किसी एक ही अवयव का लाभ देय होगा. आवेदन के बाद चयन, उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति के द्वारा की जाएगा.

योजना के तहत आवेदन https://fisheries.bihar.gov.in/ पर ऑनलाईन (Online) के माध्यम से प्राप्त किए जायेंगे. आवेदन करने की अंतिम तिथि 31.12.2025 तक किया जा सकता है.

इस योजना की विस्तृत जानकारी सं०-3655, दिनांक-14.08.2025 से प्राप्त की जा सकती है जो विभागीय वेबसाईट https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html उस उस पर प्रदर्शित है.

Written by
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