Home मछली पालन Fish Farming: इन पांच बातों को गौर से पढ़ें, मछली पालन में नुकसान नहीं, खूब होगा मुनाफा
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Fish Farming: इन पांच बातों को गौर से पढ़ें, मछली पालन में नुकसान नहीं, खूब होगा मुनाफा

fish farming in pond
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. वैसे तो मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इसे करके अच्छी कमाई की जा सकती है, लेकिन कई जानकारी न होने की वजह मछली पालन में नुकसान भी उठाना पड़ता है. फिश एक्सपर्ट कहते कि अगर मछली पालक इस बात को समझ लें कि उन्हें मछली पालन में किस वजह से नुकसान होता है तो वो होने वाले नुकसान को फायदे में तब्दील कर सकते हैं. इसलिए बेहद जरूरी है कि फिश फार्मिंग की मुकम्मल ट्रेनिंग ले ली जाए ताकि होने वाले नुकसान से फिश फार्मर खुद को बचा सकें.

मछली पालन के लिए तालाब कैसे बनाएं, सही मछली का चुनाव कैसे करें. मछलियों के लिए क्या आहार होना चाहिए, मछलियों को रखरखाव कैसे करें और इसकी मार्केटिंग कैसे करें, अगर इन सब चीजों की जानकारी मछली पालकों को हो गई तो मछली पालन में फायदा ज्यादा हो सकता है.

इन बातों को जरूर जानें फिश फार्मर्स

  1. मछली पालन के लिए जब नए तालाब का निर्माण करें, तो ऐसी मिट्टी का चयन करें, जहां की मिट्टी चिकनी हो. मिट्टी अगर बलुवई होगी तो उसमें पानी नहीं रुकता है. 20 बाई 50 मीटर या 25 बाई 40 मीटर के तालाब का निर्माण कर सकते हैं. तालाब के बांध मजबूत होने चाहिए. ताकि उसमें पानी के भराव को रोका जा सके.
  2. मछली के बीज को डालने से पहले तालाब को साफ कर देना चाहिए. तालाब में पानी में पानी से पनपने वाले पौधों को निकाल देना चाहिए. यह भी ध्यान दें कि पौधे दोबारा तालाब में पैदा न हों. मछली पालन के लिए आपको कई प्रजाति मिल जाएंगी. आप कत्ला, सिल्वर कार्प, कॉमन कार्प जैसी प्रजातियों से मछली पालन की शुरुआत कर सकते हैं. बाजार में इसकी काफी मांग रहती है. इन मछलियों की अच्छी कीमत भी मिलती है.
  3. मछली के अच्छे विकास के लिए उसको बेहतरीन फीड देना भी जरूरी है. मछलियों के फीड में मूंगफली की खली, सरसों की खली, सोयाबीन की खली और चावल की भूसी भी आहार में दी जा सकती है. वहीं रसोई का बचा हुआ खाना, सेब का छिलका, मक्का, धान और गेहूं आदि भी फीड के तौर पर मछलियों को दिया जा सकता है.
  4. तालाब में पानी का स्तर पांच फीट से ज्यादा होना चाहिए. इससे कम पानी होने पर मछलियों के विकास पर बुरा असर पड़ेगा. मछली के पालन के लिए पानी पीएच लेवल 6.5 से 8.5 तक होना चाहिए. इसके लिए तालाब में चूने के इस्तेमाल किया जाता है.
  5. बहुत सी मछलियां तालाब से ही बिक जाती हैं. जबकि आप चाहें तो मछलियों को खुले बाजार में भी बेच सकते हैं. तालाब पर मछली बेचने पर आपको बाजार नहीं जाना होगा. जबकि खुले बाजार में मछली बेचने से ज्यादा दाम मिलेगा.

Written by
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