नई दिल्ली. मछली पालन में तालाब की अहमियत बहुत ज्यादा है. क्योंकि तालाब ही मछलियों को घर, भोजन और सुरक्षा देता है. इसलिए मछली पालन के दौरान तालाब का और उसके पानी का खास ख्याल रखना जरूरी होता है. जैसे ऑक्सीजन का स्तर, पीएच लेवल और प्राकृतिक भोजन जो मछलियों को मिलता है. इन सब चीजों पर ध्यान देने की जरूरत होती है. जिसका सीधा असर मछलियों की ग्रोथ और उत्पादन पर पड़ता है. अगर ये सारी चीजें मछलियों के हक में रहती है तो फिर मछलियों की ग्रोथ भी अच्छी मिलती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है. जिससे मछली पालन के काम में मुनाफा बढ़ जाता है.
भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग (Department of Fisheries, Government of India) के मुताबिक ठंड के मौसम में तालाब का खास ख्याल रखना चाहिए. कई बार ठंड में तालाब का पानी ज्यादा हरा हो जाता है. तब मछलियों को दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में चूना व रासायनिक खाद का इस्तेमाल करना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए. वहीं 800 ग्राम प्रति एकड़ की दर से कॉपर सल्फेट का इस्तेमाल पानी में घोलकर करना चाहिए.
किन और बातों का दें ध्यान
ठंड में तालाब की देखरेख की बात की जाए तो मछलियों को कम फीड देना चाहिए. क्योंकि इस दौरान मछलियों का मोटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. इसलिए उन्हें उतना ही फीड दें, जितना वो खा सकें.
यदि मछलियों को ज्यादा फीड दिया जाएगा तो मछलियां नहीं खाएंगी और बचा हुआ फीड तालाब में सड़ जाएगा. जिससे पानी खराब हो जाएगा और इससे मछलियों की ग्रोथ और उत्पादन पर असर पड़ेगा.
अक्सर तालाब का पानी ठंड में थोड़ा कम हो जाता है. तब उसमें गर्म पानी न डालें. बल्कि तालाब के तापमान के बराबर ही थोड़ा पानी उसमें डालते रहें.
तालाब में कई बार ज्यादा ठंड पड़ जाने की वजह से बर्फ के भी जमने का खतरा बढ़ जाता है. ध्यान रखें कि बर्फ की परत को न जमने दें, इसे तोड़ दें.
तालाब के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा घटने लगती है. इसलिए एयरेटर का इस्तेमाल करें. समय-समय पर एयरेटर चलाएं. ताकि ऑक्सीजन का अस्तर कम ना हो.
वहीं ऑक्सीजन का लेवल सही रखने के लिए तालाब में थोड़ा ऊंचाई से पानी गिराया जाता है. इससे भी ऑक्सीजन का लेवल काफी हद तक सही रहता है.
निष्कर्ष
यदि इन कुछ बातों का ध्यान आप ठंड के दौरान रखते हैं तो इससे तालाब सही रहेगा और इसे मछलियों की ग्रोथ भी बेहतर आपको मिलेगी.












