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Fish Farming: मछली पालन में 8 लाख रुपए तक इंवेस्ट करने पर सरकार देगी भारी आर्थिक मदद

चिलचिलाती गर्मी में मछलियों को सूखा चारा नहीं देना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

नई दिल्ली. मछली पालन एक ऐसा काम है, जिससे हजारों लाखों रुपए कमाए जा सकते हैं. अगर अच्छी तरह से एक एकड़ के तालाब में मछली पालन किया जाए तो सालाना 5 से 6 लाख रुपए तक की कमाई की जा सकती है, जो किसी भी बिजनेस के लिहाज से एक बढ़िया कमाई का जरिया है. फिश एक्सपर्ट का कहना है कि किसानों और बेरोजगारों के लिए ये एक बेहतरीन व्यवसाय है, जिससे वह अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं. वहीं सरकार भी चाहती है कि किसानों की इनकम को दोगुना कर दिया जाए. इस वजह से मछली पालन जैसे काम को बढ़ावा देने का काम सरकार की ओर से किया जा रहा है.

बता दें कि बिहार में वित्तीय वर्ष 2025—26 के लिए मुख्यमंत्री तालाब मत्स्यकीय विकास योजना चलाई जा रही है. जिसके तहत किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस योजना के जरिए किसानों को फायदा पहुंचाने की कोशिश सरकार की ओर से की जा रही है.

योजना का उद्देश्य
राज्य के जल सम्पदाओं में पालन मात्स्यिकी को विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करते हुए मत्स्य उत्पादन के विभिन्न श्रृंखलाओं पर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है. ताकि राज्य, ‘मत्स्य उत्पादन” के साथ-साथ ‘मत्स्य बीज उत्पादन में भी आत्मनिर्भर हो सके. बता दें कि योजना का संचालन राज्य के सभी जिलों में किया जायेगा.

योजना के क्या हैं फायदे
योजना के तहत उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन पर एक लाख रुपए 0.5 एकड़ का खर्च आएगा. वहीं ट्यूबवेल तथा पंप सेट अधिक को लगाने के लिए 50 हजार रुपए का खर्च आएगा. कॉर्प हैचरी इनपुट सहायता पर 8 लाख रुपए का खर्च आएगा. मछली बीज हैचरी का रेनोवेशन और और नया बनाने के लिए 5 लाख रुपए का खर्च आएगा. जिसके लिए सरकार ने सब्सिडी देने का फैसला किया है. सभी अन्य वर्ग के लोगों को 50 फीसद तथा अति पिछड़ा जाति अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए 70 फीसद सब्सिडी सरकार देगी.

जरूरी कागजात की जरूरत
आवेदन पत्र में फायदा पाने वालों का मोबाईल नंबर तथा बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड दिया जाएगा. आधार कार्ड नंबर, राशनकार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र, जमीन के नक्शा की अभिप्रमाणित प्रति लगानी होगी. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के फायदा पाने वालों को आवेदन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा. आवेदन की प्रक्रिया की बात की जाए तो योजना के लिए आवेदन fisheries.bihar.gov.in पर ऑनलाईन प्राप्त किये जाएंगे. आवेदन करने की अंतिम तिथि 31.08.2025 तक निर्धारित की गई है. इस योजना की डिटेल जानकारी राज्यादेश संख्या-2180 पर 19 मई से हासिल किया जा सकता है. जिसके लिए विभागीय वेबसाईट https://state.bihar.gov.in/ahd/Citizen Home.html पर क्लिक करना होगा.

Written by
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