Home मछली पालन Fish Farming: अब 1 एकड़ से 4 एकड़ जितना मछली उत्पादन, करनाल के सुल्तान सिंह ने किया कमाल
मछली पालन

Fish Farming: अब 1 एकड़ से 4 एकड़ जितना मछली उत्पादन, करनाल के सुल्तान सिंह ने किया कमाल

40 सालों की लंबी रिसर्च के बाद 1 एकड़ से 5 एकड़ जितना मछली का उत्पादन मिला है. भविष्य में मछली पालने वाले लोगों को फायदा होगा.
पद्मश्री सुल्तान सिंह.

नई दिल्ली. बकरी, मछली, मुर्गी पालन करके अच्छी कमाई की जाती है. इसमें भी मछली पालन कर लिया तो सोने पर सुहागा. मछली पालन को सरकार बढ़ावा भी दे रही है. मछली पालन को फायदे का सौदा बनाया हैं. करनाल के बुटाना गांव के रहने वाले पद्मश्री मछली पालक सुल्तान सिंह ने. उन्होंने बताया कि अगर ठीक से मछली पालन कर लिया तो लाखों रुपये प्रतिवर्ष कमा सकते हैं.

करनाल के बुटाना गांव के रहने वाले पद्मश्री मछली पालक सुल्तान सिंह ने एक और कमाल किया है. 40 सालों की लंबी रिसर्च के बाद 1 एकड़ से 5 एकड़ जितना मछली का उत्पादन मिला है. भविष्य में मछली पालने वाले लोगों को फायदा होगा. पद्मश्री सुल्तान सिंह मछली पालन के क्षेत्र में नए-नए रिसर्च के लिए जाने जाते हैं, जिसके चलते वह देश के नंबर वन मछली पालक बने हैं और उन्हें पद्मश्री से नवाजा जा चुका है.

मछली पालन को दिया जा रहा है बढ़ावा: हरियाणा सहित भारत में मछली पालन को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि मछली पालन करने वाले लोग इसको मुनाफे का सौदा बन सके. भारत में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए जहां सरकार वैज्ञानिक इसके ऊपर काम कर रहे हैं वहीं उनके साथ मिलकर प्रगतिशील मछली पालन किसान भी मछली पालन में नए-नए रिसर्च करके उसको बुलंदी तक पहुंचा रहे हैं. उन्हीं में से एक प्रगतिशील मछली पालक हरियाणा के करनाल जिले के गांव बुटाना के सुल्तान सिंह है जो चार दशक से ऊपर से मछली पालन कर रहे हैं और देश विदेशों में मछली पालन में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं.

पद्मश्री सुल्तान सिंह ने की नई रिसर्च: अब एक एकड़ से मिलेगा 4 एकड़ जितना मछली उत्पादन पद्मश्री सुल्तान सिंह ने हाल ही में एक नई रिसर्च मछली पालन में की है. सुल्तान सिंह ने बताया कि वह करीब 40 वर्षों से इस पर काम कर रहे थे, लेकिन लंबे इंतजार के बाद उनको अब सफलता हासिल हुई है. उन्होंने रिसर्च में निकाला कि मछली पालन करने वाले तालाबों के ऊपर गोबर गैस का प्लांट लगाने से मछली पालन करने वाले लोग एक एकड़ से पांच एकड़ जितना मछली का उत्पादन ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि बिल्कुल नई रिसर्च है. ये रिसर्च इसलिए की जा रही थी कि लोग नई तकनीक के साथ परंपरागत तरीके से करते आ रहे मछली पालन जो गांव के तालाब या साधारण तालाब होते हैं उनमें की जा सकती है.

विशेष फीड गोबर गैस प्लांट के जरिए दी जाती है: सुल्तान सिंह ने बताया कि बताई गई विशेष फीड गोबर गैस प्लांट के जरिए मछलियों को दी जाती है और उन्होंने इस पर अलग-अलग मछलियों की भी रिसर्च की जिसमें उन्होंने पाया कि कौन सी प्रजाति की मछली से इस विधि से एक एकड़ से 5 एकड़ जितना मुनाफा लिया जा सकता है. उन्होंने बताया कि वैसे 1 एकड़ से करीब 20 कुंतल मछली का उत्पादन होता है, लेकिन इस विधि से एक एकड़ से 100 कुंतल का उत्पादन उन्होंने लिया. इसमें उन्होंने पानी का टेंपरेचर गुणवत्ता सभी पर रिसर्च की है कि किस टेंपरेचर पर और तालाब के कि पानी के गुणवत्ता पर यह उत्पादन लिया जा सकता है. उन्होंने बताया कि जो भी किसान भाई इसकी जानकारी लेना चाहता है वह हमसे संपर्क कर सकता है ताकि वह भी इसका फायदा उठा सके.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fish Farming: सर​कार ने कहा ट्रॉलरों से पकड़ी जाने वाली मछलियों की मात्रा में नहीं आई है कोई कमी

नई दिल्ली. सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) को 2021-25 के दौरान...

fish farming in pond
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: PMMSY के तहत महिला मछली किसानों को इसके खर्च पर 60 फीसद हिस्सा खुद देगी सरकार

नई दिल्ली. महिलाओं के रोजगार और आजीविका संबंधी आवश्यकताओं को प्रधानमंत्री मत्स्य...