Home मछली पालन Fish Farming: मछली पालन के लिए अब पानी की नहीं होगी कमी, पढ़ें सरकारी योजना से ये कैसे होगा
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming: मछली पालन के लिए अब पानी की नहीं होगी कमी, पढ़ें सरकारी योजना से ये कैसे होगा

In addition, the Government of India has also extended the facility of the Kisan Credit Card (KCC) to the fishers and fish farmers to meet their working capital requirements.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मछली पालन को बढ़ावा देने क लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में जलकृषि सौरीकरण के तहत बोरिंग सह सोलर समरसेबुल पम्पसेट अधिष्ठापन की योजना की शुरुआत बिहार सरकार की तरफ से की गई है. योजना के उद्देश्य की बात की जाए तो इस योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के स्त्रोत (तालाब, पोखर, बायोफ्लॉक, आरएएस आदि में मत्स्य पालन के लिए सालभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है. योजना का फायदा एक व्यक्ति, परिवार को न्यूनतम 0.25 एकड़ जलक्षेत्र से 2.5 एकड़ जलक्षेत्र तक के तालाब पर अधिकतम एक बोरिंग तथा एक सोलर समरसेबुल पम्पसेट इकाई के लगाने पर मिलेगा.

योजना के तहत बोरिंग, सह सोलर समरसेबुल पम्पसेट, पाईप आदि सामग्रियों की खरीद फायदा पाने वालों के द्वारा योजना के तहत सूचीबद्ध आपूर्तिकर्ता से स्वयं किया जाएगा.

कितना मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत अंतिम रूप से निर्धारित इकाई लागत का 80 प्रतिशत सब्सिडी की अनुमान्यता सभी वर्गों के लिए होगी. शेष राशि लाभार्थी द्वारा स्वयं अथवा बैंक ऋण से वहन किया जाएगा.

योजना की खासियत
इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में 355 बोरिंग -सह-सोलर समरसेबुल पम्पसेट का अधिष्ठापन किया जाएगा.

किसे मिलेगा फायदा
बोरिंग सह सोलर-समरसेबुल पम्पसेट इकाई लगाने के लिए न्यूनतम 0.25 एकड़ जलक्षेत्र का तालाब होना अनिवार्य होगा.

बोरिंग -सह- सोलर-समरसेबुल पम्पसेट योजना हेतु अपने प्रस्तावित तालाब का पोस्टकार्ड साइज फोटोग्राफ आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जाएगा.

आवेदक के द्वारा अपना मोबाईल नं. तथा बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या, आई०एफ०एस०सी० कोड अंकित किया जाएगा.

साथ ही, अपना आधार कार्ड नंबर, राशन कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्रख्, मत्स्य पालन तकनीक से सम्बन्धित प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र (यदि प्रशिक्षित हो) की अभिप्रमाणित प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक होगा.

योजना के लिए आवेदन https://fisheries.bihar.gov.in पर ऑनलाईन प्राप्त किए जायेंगे.

आवेदन करने की अंतिम तिथि 31.08.2025 तक.

योजनान्तर्गत यदि पूर्व में आवेदक/लाभुक के तालाब पर बोरिंग पम्पसेट उपलब्ध हो अथवा पूर्व में किसी सरकारी समान योजना (केन्द्र/राज्य) के तहत ट्यूबवेल सह- पम्पसेट / बोरिंग सह- सोलर समरसेबुल पम्पसेट/सोलर समरसेबुल पम्पसेट का लाभ प्राप्त किए हों तो उन्हें इस योजना का लाभ देय नहीं होगा |

इस योजना की विस्तृत जानकारी अधिसूचना सं०- 2925, दिनांक 30.06.2025 से प्राप्त की जा सकती do

है जो विभागीय वेबसाईट https://state.bihar.gov.in/ahd/Citizen Home.html पर उपलब्ध है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming Tips: चूना, पोटैशियम परमैगनेट, फिटकरी और नमक तालाब में डालें, इसके हैं कई फायदे

नई दिल्ली. मछलि यों के तालाब में चूना, पोटैशियम परमैगनेट, फिटकरी और...

livestock animal news
पोल्ट्रीसरकारी स्की‍म

Poultry Farming: बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए सरकार देगी आर्थिक मदद, 15 मई से आवेदन करें

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग का कारोबार स्वरोजगार के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming: फिशरीज से जुड़े लोगों में सात थ्री-व्हीलर, आइस बॉक्स और नावों का किया वितरण

नई दिल्ली. बिहार के औरंगाबाद शहर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन...