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Fish Hatchery: लीजिये सरकार से पैसा और बनाइये अपनी फिनफिश हैचरी, होगी खूब कमाई

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मछलियों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. फिनफिश हैचरी, फिनफिश और शेलफिश जैसे मछलियों के शुरुआती जीवन चरणों में कृत्रिम प्रजनन, अंडे सेने, और पालन-पोषण के लिए बनाई जाती है. जहां ये मछलियां इन प्रोसेस से गुजरती हैं उसे फिनफिश हैचरी कहा जाता है. जानकारी के लिए बता दें कि हैचरी में मछलियों को टैंकों में रखा जाता है और उनका पालन किया जाता है. हैचरी में पैदा होने वाली मछलियों को फ्राई या फिर फिंगरलिंग कहा जाता है. इन मछलियों को फिर मछली के तालाबों में ले जाया जाता है. जहां ये पूरी तरह से तैयार हो जाती हैं और ​बाजार में बेची जाती हैं.

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत केंद्र सरकार की ओर से फिनफिश हैचरी बनाने के लिए मछली किसानों की मदद की जा रही है. सरकार की ओर से ताजे पानी में नई फिनफिश हैचरी की स्थापना के लिए ईकाई की लागत पर अनुदान दिया जा रहा है. योजना के तहत मछली पालन को बढ़ावा देने के मकसद से हैचरी के लिए 40 प्रतिशत सामान्य वर्ग के लिए तथा ईकाई लागत 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति और महिला लाभार्थियों को दिया जाएगा.

किसे मिलेगा योजना का फायदा, जानें यहां
(1) लाभार्थी के पास परिवार का पहचान पत्र होना चाहिए.

(2) मीठे पानी की फिनफिश हैचरी की न्यूनतम क्षमता एक यूनिट में 15 मिलियन फ्राई प्रति वर्ष और प्रति यूनिटट 6 करोड़ स्पॉन, न्यूनतम 0.50 हेक्टेयर के साथ होगी.

(3) ताजे पानी में फिनफिश हैचरी का मैनेजमेंट कुशल तकनीकी कर्मचारियों द्वारा किया जाना चाहिए.

(4) लाभार्थी केंद्रीय सहायता प्राप्त हैचरी से उत्पादित बीज, किसानों को उचित दाम पर आपूर्ति सुनिश्चित करेगा.

(5) फिश हैचरी में ब्रूडर तालाब, नर्सरी तालाब, पालन टैंक, छोटी प्रयोगशाला, पानी और बिजली की आपूर्ति, आवश्यक बुनियादी सुविधाएं आदि शामिल होंगी.

(6) हैचरी की मान्यता की लागत को परियोजना अनुमानों में शामिल करना जरूरी होगा.

(7) जिन परियोजनाओं की भूमि लंबी अवधि के पट्टे पर है, उन्हें भी योजना के तहत केंद्रीय वित्तीय सहायता के लिए विचार किया जाएगा. पट्टा अवधि समझौता न्यूनतम अवधि 10 (दस) वर्ष से कम नहीं होना चाहिए.

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

  1. जन्म प्रमाण पत्र राशन कार्ड, मतदाता कार्ड, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, हाईस्कूल सर्टिफिकेट देना होगा.
  2. तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र भी देना होगा.
  3. मछली पालन के लिए मछली किसान और पंचायत के बीच कॉन्ट्रैक्ट लेटर.
  4. किसान और विभाग के बीच कॉन्ट्रैक्ट लेटर.
  5. आवेदन करने वालों को मछली पालन की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट देना होगा.
  6. भूमि का रिकार्ड तहसील से भूमि का रिकार्ड (भूमि की जमाबन्दी, नकल एक्सजरा फर्द) यदि तालाब लीज पर है (पंचायत का प्रस्ताव दस्तावेज और पंचायत की पटट्टा रसीद संख्या-4) देनी होगी.
  7. बिल, रसीद, बाउचर, अनुदान से सम्बन्धित फोटो, बैंक खाते और पैन कार्ड की डिटेल.
  8. PMMSY के तहत जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सेल्फ कंटेंट प्रापोजल (SCP) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) देना होगा.
Written by
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