Home मछली पालन Fish Farming: छोटे से तालाब में पांच तरह की मछलियों को पालकर मोटा मुनाफा कमाएं, पढ़ें फार्मूला
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Fish Farming: छोटे से तालाब में पांच तरह की मछलियों को पालकर मोटा मुनाफा कमाएं, पढ़ें फार्मूला

Animal Husbandry, Fish, Duck Farming, Poultry Farming
रूपेश कुमार का तालाब

नई दिल्ली. मछली पालक भाइयों अगर आपके पास 100 बाई 100 यानी कुल 10 हजार स्क्वायर फीट का तालाब है तो आप यहां बहुत आसानी से हमारे द्वारा बताई जा रहे फार्मूले को अपनाकर मछली पालन में मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. इस फॉर्मूले से आप फिश फार्मिंग का काम शुरू कर सकते हैं और इसे आपको अच्छा खासा फायदा मिलेगा. इस साइज के तालाब में आप तीन हजार रोहू, ग्रास कार्प, अमोल कार्प और मृगल मछलियों के बीज को डालकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. इसके साथ-साथ दो हजार पंगेशियस मछली के बीज को भी आराम से डाल सकते हैं.

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि कमाल की बात यह है कि आपको सिर्फ और सिर्फ पंगेशियस मछली को फ्लोटिंग फीड देना है. इसके बाद उसका जो वेस्ट मैटेरियल पानी में निकलेगा, वही वेस्ट बाकी चार मछलियों के लिए फूड बन जाएगा. इस तरीके से न सिर्फ आपका फीड बचेगा. बल्कि फीड की लागत भी कम होगी. वहीं इसके अंदर डाली गई चार अन्य प्रजातियों की मछलियों की ग्रोथ भी अच्छी होगी. सबसे अच्छी बात यह है कि इस पर कोई खर्च भी नहीं करना पड़ेगा.

ये गलती कभी भी न करें
यहां एक जरूरी बात जो हर किसान भाइयों को ध्यान में रखना चाहिए कि इस फार्मूले में कभी भी कतला मछली का बीज नहीं डालना चाहिए. वजह साफ है कि कतला मछली और पंगेशियस दोनों ही तालाब के ऊपरी सतह पर रहती हैं. जब पंगेशियस को आप दाना डालेंगे तो वो सतह पर ही रहने की वजह से तेजी से फीड खा जाएगी और इस वजह से कत्ला के लिए ना तो फीड बचेगा न ही प्लैंक्टन. इसलिए उसे भोजन नहीं मिल पाएगा और उसकी ग्रोथ रुक जाएगी. हो सकता है कि मृत्यु दर भी दिखाई दे सकती है. अगर उनकी मौत ना भी हो तो भी वह सिर्फ तालाब में जगह घेरेंगी. इससे आपकी लागत बेकार जाएगी और आपको नुकसान भी हो सकता है.

इन मछलियों की भी बढ़ जाएगी ग्रोथ
अगर आप इस फार्मूले से ज्यादा कमाई करना चाहते हैं तो कत्ला को छोड़कर ऊपर बताई गई सारी मछलियों को तालाब में डालें और पंगेशियस को मुख्य फीडिंग मछली बनाएं. अगर आप इस फार्मूले को अपनाते हैं और पंगेशियस मछलियों को अच्छे ब्रांड का फ्लोटिंग फीड देते हैं तो यह मछलियां सिर्फ 6 महीने में ही फिंगर्लिंग से लेकर 1 किलो तक वजन हासिल कर लेती हैं. रोहू, ग्रास कार्प अमोल कार्प और मृगल ये सभी पंगेशियस द्वारा छोड़े गए वेस्ट को खाकर 600 ग्राम से 800 ग्राम तक वजन हासिल कर लेती हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

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