Home मछली पालन Fish Farming: मछली पालन समूहों को बाजार से जोड़कर मजबूत होगा फिशरीज सेक्टर
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming: मछली पालन समूहों को बाजार से जोड़कर मजबूत होगा फिशरीज सेक्टर

केन्द्रीय मत्स्य पालन मंत्रालय के सचिव डॉ. अभ‍िलक्ष लिखी

नई दिल्ली. सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) से मछली पालकों और मछुआरों को फायदा मिल रहा है. पीएमएमएसवाई योजना का मकसद किसान उत्पादक संगठनों और बहुउद्देशीय सहकारी समितियों जैसे अंतिम छोर तक पहुंच रखने वाले और मछली पालन करने वाले लोगों को मजबूत बनाना और उनको इस सेक्टर की सही राह पकड़ाना है. इसके साथ ही योजना के तहत समूहों को इलेक्ट्रॉनिक बिक्री समेत थोक और खुदरा बाजारों तक पहुंच के माध्यम से बेहतर मूल्य हासिल करने में मदद करना भी शामिल है.

केन्द्रीय मत्स्य पालन मंत्रालय के सचिव डॉ. अभ‍िलक्ष लिखी ने बताया कि देश भर में लगभग 3 करोड़ मछुआरों और महिलाओं में से सबसे कमजोर वर्ग की आजीविका को सहारा देने के लिए भारत सरकार का ये नजरिया बेहतर और अहम है.

नई तकनीकों को अपनाने में मिलेगी मदद
बताते चलें कि 26 हजार 540 मछली पालन प्राथमिक सहकारी समितियों और लगभग 200 उत्पादक संगठनों के लिए, बीज, चारा, नाव, मछली पकड़ने के जाल जैसे जलीय कृषि इनपुट की उपलब्धता सबसे अहम है. मछलियों का स्टोरेज और इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी अहम है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि अनौपचारिक सोर्स पर निर्भरता कम करने के लिए पूंजी की जरूरत है. क्योंकि अनौपचारिक सोर्स पर ब्याज दरें ज्यादा होती हैं. इसलिए आखिरी में, ऐसे समूह अपने सदस्यों को स्थायी मत्स्य पालन और जलीय कृषि के लिए नई उत्पादन तकनीकों को अपनाने के बारे में अधिक जागरूक बनाने में मदद कर सकते हैं.

जानें कौन से काम किए जा रहे हैं
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऐसे मछली पालन समूहों द्वारा कई काम शुरू किए गए हैं. इनमें भारतीय मेजर कार्प (IMC), सजावटी और ट्राउट मछली पालन, मोती की खेती, समुद्री शैवाल की खेती, जाल उत्पादन आदि शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, केरल में मत्स्यफेड जैसी राज्य सरकार की संस्थाएं मूल्यवर्धित और ताजी मछली दोनों के मोबाइल खुदरा बिक्री में मत्स्य पालन समूहों का समर्थन कर रही हैं. ईको सिस्टम को को और आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा दो प्रमुख पहल की गई हैं.

जानें दो महत्वपूर्ण कामों के बारे में
राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) ने एक मछली बाजार मूल्य सूचना प्रणाली स्थापित की है जिसके माध्यम से मछली पालन समूह समुद्री और मीठे पानी की मछलियों के थोक और खुदरा मूल्यों तक पहुंच सकते हैं. जबकि मत्स्य पालन समूहों को ई-प्लेटफ़ॉर्म ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) पर शामिल किया गया है, जिससे 300 करोड़ रुपये से अधिक का व्यवसाय हुआ है. इसकी स्थापना 2020 में हुई थी और इसके 1500 मछुआरे और महिला सदस्य हैं. यह मछली आईएमसी बीज हैचरी और एक ग्रामीण मार्ट (180 गाँवों को कवर करते हुए) का सफलतापूर्वक संचालन करता है और 2021-22 में 4.09 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुका है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पोल्ट्रीमछली पालन

Egg And Fish: बिहार में अंडा और मछली उत्पादन बढ़ा, यहां पढ़ें आंकड़े

नई दिल्ली. जहां एक ओर देश में अंडा और मछली का उत्पादन...

सरकारी स्की‍म

Scheme: सरकार की इस पहल से पशुपालकों को मिल रहा है फायदा, पशुओं का हो रहा इलाज

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग (Department of Animal Husbandry,...