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Fisheries: पारंपरिक मछुआरों के परिवारों की इनकम बढ़ाने के लिए 120 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने देश में मत्स्य पालन क्षेत्र और मछुआरों के समग्र विकास के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पीएमएमएसवाई के तहत मत्स्य प्रतिबंध कम अवधि के दौरान मत्स्य पालन संसाधनों के संरक्षण के लिए सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े, पारंपरिक मछुआरों के परिवारों के लिए आजीविका सहायता की परियोजना सहित 120 परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इस परियोजना की कुल लागत 1240 करोड़ 58 लाख रुपये है. पिछले 5 वर्षों (2020-21 से 2024-25) और चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान पीएमएमएसवाई के अंतर्गत 480 करोड़ 9 लाख रुपये की राशि जारी की गई है.

केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अप्रूव परियोजनाओं के संचालन के लिए तमिलनाडु सरकार को 222 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि जारी की है. इसके अलावा पिछले 5 वर्षों (2020-21 से 2024-25) और चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए तमिलनाडु सरकार के पास नीली क्रांति योजना (2017-18 के दौरान) के अंतर्गत गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के जहाज परियोजना के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी 262 करोड़ 42 लाख रुपये की अतिरिक्त अप्रयुक्त निधियां भी उपलब्ध थी.

राज्य सरकार ने 123 करोड़ रुपए दिए
262.42 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि में से 123.06 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग तमिलनाडु सरकार द्वारा पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए किया जाता है.

इसके अलावा तमिलनाडु सरकार द्वारा उपयोग के आधार पर पीएमएमएसवाई के अंतर्गत सभी अनुमोदित परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार को निधियां जारी की जाती हैं.

केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग को थंगाचिमादाम मत्स्यन बंदरगाह के विकास के लिए तमिलनाडु सरकार से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है.

तमिलनाडु सरकार ने सूचित किया है कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के अंतर्गत 15 हज़ार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से रामनाथपुरम जिले के थंगाचिमडम में मछली लैंडिंग केन्द्र के विकास के कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है.

परियोजना का काम 17.06.2025 को शुरू हुआ और 03.03.2026 तक 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.

राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2025-26 के दौरान तीन किस्तों में 92.00 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है और इसके पूरा होने की अपेक्षित तिथि 16.06.2027 है.

यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में दी है.

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