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Goat Farming: बकरी के बच्चे को पहली बार कब देनी चाहिए पेट के कीड़े मारने की दवा

अत्यधिक कमजोर बच्चों के मामले में उन्हें ट्यूब-फीड दिया जाना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. बकरी पालन एक बेहतरीन कारोबार है. बकरी पालन के बारे में कहा जाता है कि यह काम कम लागत में कहीं भी किया जा सकता है. बकरी को गरीबों की गाय भी कहा जाता है. जितना फायदा बकरी पालन में बकरियों से होता है, उससे कहीं ज्यादा फायदा उनके बच्चों से होता है. क्योंकि ये बच्चे आपके पशुपालन के काम में मुनाफा डबल कर देते हैं. इसलिए उनका खास ख्याल रखना पड़ता है. तभी इससे ज्यादा मुनाफा मिलता है. क्योंकि बकरी के बच्चों में मृत्युदर भी ज्यादा दिखाई देती है. इसलिए उनकी खास देखरेख की जरूरत पड़ती है. ताकि उनसे फायदा मिल सके.

बात अगर बकरी के बच्चों की की जाए तो इन्हें आप बेचकर भी कमाई कर सकते हैं. वहीं अगर इन्हें कुछ दिनों तक अपने फार्म में रखते हैं तो जब ये बड़े हो जाएं तब भी इन्हें मीट के लिए बेचकर कर कमाई कर सकते हैं. वहीं बकरी के बच्चे अगर मादा हैं तो आप आगे चलकर इससे दूध का उत्पादन ले सकते हैं. यही मादा बकरी का बच्चा एक उम्र के बाद दूसरे बच्चों को जन्म देगा जिससे आपका बकरी पालन का काम और ज्यादा मुनाफे में चला जाएगा. हालांकि इसके लिए जरूरी है कि बकरी के बच्चों की सेहत का सही से ख्याल रखा जाए.

पेट के कीड़े बच्चे को कर देते हैं कमजोर
बकरी के बच्चों को अक्सर पेट में कीड़े की शिकायत आती है. इसकी वजह से उनकी ग्रोथ रुक जाती है. वहीं कीड़े बहुत ज्यादा हो जाने की वजह से उन्हें जो कुछ भी दिया जाता है तो आधे से ज्यादा चीजें कीड़े ही खा जाते हैं. इससे बकरी के बच्चे कमजोर होने लगते हैं और जब मामला गंभीर हो जाता है तो उनकी जान भी चली जाती है. इसलिए जरूरी है कि उन्हें समय पर कीड़े मारने की दवाई दी जाए. ताकि उन्हें इस तरह की किसी भी परेशानी से निजात मिल जाए.

जानें कब देना है दवा
अगर बकरी को कीड़े मारने की दवा देने की बात की जाए तो जब बकरी का बच्चा 1 महीने की उम्र तक पहुंच जाए तब उसे पेट में के कीड़े की दवा देनी चाहिए. यानी उसकी डीवार्मिंग करनी चाहिए. वहीं यह दवा आप 6 महीने तक देते रहें, लेकिन हर एक महीने के बाद इस इस दे सकते हैं. जिससे बकरियों को फायदा मिलेगा. जब बकरी के बच्चे की उम्र 6 महीने हो जाए तो यह दवा देना बंद कर दें. वहीं इस बात का भी ख्याल रखें कि ऐसी दावाओं को न दें जिससे बकरी के बच्चे को डायरिया हो जाए. क्योंकि कई ऐसी दवाएं हैं, जिनको देने से बकरी के बच्चे को डायरिया होने लगता है. आप चाहें तो पशु चिकित्सक से सलाह लेने के बाद ही दवा दें.

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