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Goat Farming: गर्मी में कैसे करें बकरियों का शेड मैनेजमेंट, इन बातों का जरूर ख्याल रखें बकरी पालक

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चारा खाती बकरियां.

नई दिल्ली. बकरी पालन के बारे में कहा जाता है कि यह बेहद ही आसानी के साथ किया जाने वाला बिजनेस है. बकरी को आप किसी भी परिस्थिति में पाल सकते हैं और यह आसानी से पल भी जाती है और बकरी पालक को मुनाफा देती है. बहुत से लोग बकरी को घर के आंगन में और छत पर भी पालकर कमाई कर लेते हैं. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि बकरी पालन के काम में संभावनाएं बहुत हैं और इसमें अगर ज्यादा मुनाफा कमाना है तो ट्रेडिशनल तरीके को छोड़कर साइंटिफिक तरीके से बकरी पालन करना चाहिए. तब ज्यादा मुनाफा मिलेगा.

बकरियों को देखभाल की ज्यादा जरूरत पड़ती है. इसी वजह से अगर शेड में बकरियों को पाला जाए तो उनसे ज्यादा उत्पादन मिलता है. बकरियों के बच्चों में मृत्यु दर सबसे ज्यादा देखी जाती है. इसलिए उनका ख्याल भी ज्यादा रखा जाता है और अगर बकरी पालन के लिए शेड बनाते हैं तो बकरी के बच्चों को भी आसानी के साथ पाला जा सकता है. उन्हें कोई बीमारी भी नहीं होती है. जिससे बकरी पालन के काम में ज्यादा फायदा होता है.

शेड में बनी रहती है कूलिंग
गर्मी का महीना शुरू हो गया है, ऐसे में बहुत से बकरी वाला यह जानना चाहते होंगे कि इस दौरान बकरी का ख्याल कैसे रखा जाए खास तौर पर बकरी के शेड में कैसा मैनेजमेंट किया जाए. युवान एग्रो फार्म आगरा के संचालक डीके सिंह का कहना है कि गर्मी के दिनों में शेड में इंसुलेशन शीट डालना चाहिए. जिससे हीट को सहने की क्षमता कम हो जाती है. उससे यह फायदा होता है कि शेड के अंदर एक तरह की कूलिंग बनी रहती है. जिससे बकरियों को आराम मिलता है और उनके उत्पादन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता और बकरियां ज्यादा उत्पादन करती हैं.

कब शेड से बाहर निकालाना चाहिए
डीके सिंह का कहना है कि आमतौर पर गर्मियों में बकरियों को बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं होती है. फिर भी यह कोशिश करनी चाहिए कि ह्यूमिनिटी कम हो. इसके लिए गोट फॉर्म में एग्जॉस्ट फैन भी लगाया जा सकता है और इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि जब जानवर को शेड के बाहर निकालें तो सुबह के 10 बजे के अंदर उन्हें निकालें. इसके बाद शाम में जब 4 से 5 बजे के बाद उन्हें बाहर निकालना चाहिए. यदि आप खाना खिलाने के बाद उन्हें रात में सात आठ बजे भी शेड के अंदर ले जाते हैं तो तब भी कोई दिक्कत नहीं होगी और जानवरों को इससे खुशी मिलती है.

शेड का तापमान रहता है मेंटेन
पूर्वोत्तर राज्यों में आमतौर पर तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. कई बार तो 45 से 48 डिग्री तक टेंपरेचर चला जाता है. अगर 40 से ज्यादा तापमान है तो बकरियों को दिक्कत होती है. सबसे अच्छा तरीका यह है कि शेड के अंदर एग्जॉस्ट फैन लगाया जाए और इंसुलेशन शीट बहुत जरूरी है. जहां पर शेड न लगाई जाए, वहां पर ऐसी मोटर फिट कर देनी चाहिए जिससे पानी की फुहार निकले, इससे जानवरों में को अच्छा लगता है और शेड का टेंपरेचर भी मेंटेन रहता है.

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