नई दिल्ली. बकरी पालन करना हर तरह से फायदे का सौदा है. बकरी पालन करके आप अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं. अगर बकरी पालन दूध उत्पादन के लिए किया जाए तो फिर आम लोगों को एक ऐसा दूध मिलता है, जिसको पीने से उन्हें बेहद की फायदा फिलता है. इस दूध को न सिर्फ आम लोग बल्कि बच्चे और बुजुर्ग भी आसानी से पचा लेते हैं. ये पौष्टिक गुणों का समुद्र है. इसको पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. वहीं इसके अनेक फायदे हैं. यही वजह है कि दूध उत्पादन में लगातार इजाफा हुआ है.
सरकारी आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पिछले कुछ वर्षों में बकरी पालन का क्रेज बढ़ा है और इसके चलते दूध उत्पादन भी बढ़ा है. गुरू अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी, लुधियाना के एक्सपर्ट का कहना है कि डॉक्टर भी दवा के रूप में बकरी का दूध पीने की सलाह मरीजों को देते हैं. बकरी के चरने की व्यवस्था को देखकर इसके दूध को ऑर्गेनिक भी कहा जा सकता है.
डेंगू के बुखार के वक्त बढ़ जाती है मांग: वहीं राजस्थान के बकरी पालक शफीक खान कहते हैं कि खासतौर पर बकरी के दूध में मिलावट डेंगू के मरीज के बढ़ने पर ज्यादा हो जाती है. जब हर तरफ डेंगू फैला होता है तो बकरी के दूध को अमृत समझा जाता है. इसका फायदा भी लोगों को मिलता है. प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने में बकरी का दूध बेहद ही कारगर है. हालांकि ऐसे मौके पर बहुत सारे लोग बकरी के दूध में गाय का दूध मिलाकर बेचने लगते हैं. क्योंकि गाय और बकरी के दूध में कई चीजों को लेकर समानताएं होती हैं. इसलिए पता करना आसान नहीं होता है कि दूध में मिलावट है या नहीं.
लोगों को जागरुक करने की है जरूरत: 2022-23 और 2023-24 की आंकड़ों पर गौर किया जाए तो देश में बकरी का दूध उत्पादन में बढ़ा है. हालांकि बड़े राज्यों में यूपी में उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि इसमें बहुत ज्यादा फर्क नहीं आया है लेकिन उत्पादन बढ़ा है. एक्सपर्ट का कहना है कि बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को और ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है. जिससे बकरी पालन की तरफ लोगों का रुझान बढ़ेगा बकरियों की देखरेख करने की ज्यादा जरूरत पड़ती है इसलिए बहुत से लोग इसको पालने से कतराते हैं हालांकि इसके फायदे ज्यादा है.
कहां कितना हुआ उत्पादन
मध्य प्रदेश में 1043 लाख टन दूध का उत्पादन हुआ है.
महाराष्ट्र में 356 लाख टन दूध का उत्पादन हुआ है.
उत्तर प्रदेश में 1321 लाख टन उत्पादन हुआ है.
राजस्थान में भी बकरी के दूध का 3136 लाख टन हुआ है.
गुजरात में 410 लाख टन दूध का उत्पादन हुआ है.
नोट-
साल 2022-23 में दूध देने वाली बकरियों की संख्या 4.19 करोड़ थी.
साल 2023-24 में दूध देने वाली बकरियों की संख्या 4.40 करोड़ हो गई है.










