नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सरकार राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है. सरकार की मंशा है कि राज्य में दूध उत्पादन 9 फीसद से बढ़कर 20 फीसद कर दिया जाए. जिससे राज्य के दूध उत्पादकों को भी फायदा हो और राज्य में दूध उत्पादन बढ़ जाए. इस मकसद को पूरा करने के तहत ही डॉ. भीमराव दुग्ध उत्पादन योजना अप्रैल 2025 में शुरू की गई थी. वहीं 2016-17 से आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना और डेयरी प्लस योजना भी यहां संचालित हो रही है. इन योजनाओं का फायदा पशुपालकों को मिल रहा है.
सरकार का कहना है की योजनाओं का फायदा किसानों को मिल रहा है और वो दूध उत्पादन करके अच्छी कमाई कर रहे हैं. जिससे राज्य में भी दूध उत्पादन बढ़ रहा है. योजनाओं का लाभ सभी लोगों को मिल सके. सरकार इसके लिए निगरानी भी कर रही है. ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का फायदा लेने के लिए जागरुक भी किया जा रहा है.
डॉ. भीमराव अंबेडकर दुग्ध उत्पादन योजना
डॉ. भीमराव अंबेडकर दूध उत्पादन योजना के तहत डेयरी खोलने के लिए 42 लाख रुपए तक की मदद सरकारी तरफ से की जा रही है. जिसे लेकर पशुपालक शेड बना सकता और पशु खरीद सकता है.
इस योजना में दो अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई है. गाय की डेयरी खोलने पर 36 लाख रुपए तक का बैंक लोन के माध्यम से उपलब्ध होता है. वहीं भैंस की डेयरी खोलने के लिए 42 लाख रुपए मिलता है.
इस योजना के सामान्य और ओबीसी वर्ग के लोगों को 75 फीसद बैंक लोन और 25 फीसद की सब्सिडी, जबकि एससी एसटी वर्ग के लिए 33 फीसद की सब्सिडी और 67 परसेंट बैंक लोन उपलब्ध कराया जा रहा है.
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन के तहत राज्य सरकार कम से कम पांच या उससे ज्यादा पशु रखने का विकल्प देती है. सरकार 10 लाख रुपए तक का लोन स्वीकृत करती है.
75 फीसद तक लोन के जरिए रकम हासिल की जा सकती है. 25 परसेंट की सब्सिडी सरकार इस पर देती है. वही एससी एसटी वर्ग के लोगों को 33 फीसद अधिकतम 2 लाख रुपए की सहायता दी जाती है.
डेयरी प्लस योजना क्या है
डेयरी प्लस योजना में दो मुर्रा नस्ल की भैंस दी जाती है. इस योजना का फायदा उठाकर दो मुर्रा नस्ल की भैंस खरीद कर पशुपालन का काम शुरू कर सकते हैं.
सामान्य वर्ग के लोगों को दो मुर्रा नस्ल की भैंस लेना है तो 1 लाख 47 हजार रुपए जमा करने होंगे. जबकि अनुसूचित जातीय जनजाति के लोगों को 73 हजार 700 रुपए देने होंगे.










