नई दिल्ली. मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना मध्य प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई है. इस योजना से जोड़कर ग्रामीण परिवारों को विशेष कर अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष पिछड़ी जनजातीय की इनकम को सरकार बढ़ाना चाहती है. सरकार की तरफ से शुरू की गई ये एक कल्याणकारी योजना है. गौरतलब है कि सरकार राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ाना चाहती है. सरकार की मंशा है कि राज्य दूध उत्पादन के मामले में देश में पहले स्थान पर आ जाए. इसीलिए नौ फीसद हो रहे दूध उत्पादन को 20 परसेंट तक ले जाने की मुहिम पर सरकार की ओर से काम किया जा रहा है.
सरकार मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत दो दुधारू गाय या भैंस खरीदने पर 75 से 90 परसेंट तक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है. यानी आपको गाय या फिर भैंस खरीदने पर सिर्फ 10 परसेंट ही अपने जेब से खर्च करना होगा. बाकी 90 फीसद तक खर्च सरकार खुद उठाएगी. जिससे गरीब तबके के किसानों को भी फायदा होगा.
किसे मिलेगी कितनी सब्सिडी
बता दें कि सरकार की ओर से 75 फीसद सब्सिडी सामान्य वर्ग के लोगों के लिए निर्धारित की गई है.
जबकि विशेष पिछड़ी जनजातियों जैसे बैगा, भारिया, सहरिया के लिए 90 फीसद तक सब्सिडी देने की योजना है.
योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले दुधारू गाय और भैंस पशुपालक भाई खरीद सकते हैं. जिससे उन्हें दूध उत्पादन में ज्यादा फायदा मिलेगा और उनकी इनकम भी अच्छी खासी बढ़ जाएगी.
सरकार का मानना है कि डेयरी व्यवसाय से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और उन्हें स्थाई रोजगार मिलता है. इसलिए इस तरह की योजना शुरू की गई है.
इस योजना के फायदे की बात की जाए तो घर में ताजा दूध की उपलब्धता से परिवार और बच्चों का पोषण स्तर भी सुधरता है.
वहीं सरकार की तरफ से पशुपालन और दूध उत्पादन को सही तरह से करने के लिए योजना से जुड़े पशुपालकों को पशुपालन विभाग द्वारा ट्रेनिंग भी दी जाती है.
इस योजना का एक दूसरा फायदा यह भी है कि इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्र में पशुधन की नस्ल में सुधार किया जा सकता है.
आवेदन वही कर सकता है जो प्रदेश का स्थाई निवासी है. इसके लिए छोटे या सीमांत किसान या भूमिहीन ग्रामीण परिवार को प्राथमिकता दी जा रही है.
अगर आप पात्र हैं और खुद आवेदन करना चाहते हैं तो नजदीकी पशुपालन एवं डेयरी विभाग की कार्यालय में जाकर या फिर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.












