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Fisheries: ग्राहक को मिलेगी ताजा मछली तो मछुआरों की बढ़ेगी इनकम, सरकार ONDC संग उठा रही ये कदम

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मछली पकड़ने की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. अब ग्राहकों को ताजा मछली मिलेगी और इसके साथ-साथ मछुआरों की इनकम भी बढ़ जाएगी. दरअसल, मछुआरों के लिए उपभोक्ता या बाजारों तक सीधी पहुंच को मजबूत करने के मकसद से भारतीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में डिजिटल कामर्शियल की क्षमता को अनलॉक करने के उद्देश्य से मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार डिजिटल के लिए ओपन नेटवर्क के साथ एक समझौता ज्ञापन एमओयू साइन किया है. बताते चलें कि आगामी 19 फरवरी केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुषोत्तम रूपाला राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन की उपस्थिति में एमयू साइन होगा.

लेनदेन की लागत में कमी आएगी
बता दें कि मत्स्य पालन क्षेत्र में एमओयू पर हस्ताक्षर एक महत्वपूर्ण है. क्योंकि यह पहली बार है कि विभाग ओएनडीसी के साथ एमओयू में प्रवेश करने जा रहा है. यह आवश्यक कदम मछुआरों, मछली किसान उत्पादक संगठनों, उद्यमियों, एसएचजी, मछुआरा सहकारी समितियों और मत्स्य पालन क्षेत्र के अन्य प्रासंगिक हितधारकों को व्यापक बाजारों तक पहुंचने, उनकी पहुंच और संभावित ग्राहक आधार का विस्तार करने आदि के लिए एक डिजिटल मंच प्रदान करेगा. डिजिटल तकनीकी समाधानों को अपनाने से मत्स्य पालन उद्योगों को विभिन्न लाभ मिलेंगे. जैसे कि विश्वास में वृद्धि, लेनदेन की लागत में कमी, बाजार तक पहुंच में वृद्धि, पारदर्शिता में सुधार, प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि, नवाचार और रोजगार सृजन आदि लंबी अवधि में ओएनडीसी नेटवर्क निर्बाध एकीकरण की सुविधा प्रदान करेगा. मत्स्य पालन क्षेत्र के भीतर उत्पादकों, प्रोसेसरों और वितरकों के बीच सामूहिकता के लाभों का उपयोग करने, कुशल आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधनए मूल्य श्रृंखला और बाजार पहुंच को सक्षम करने के लिए.

खुले नेटवर्क को मिलेगा बढ़ावा
इसके अलावा यह सहयोग एमएसएमई, स्टार्ट.अप, एसएचजी, छोटे और सीमांत मछुआरों, एफएफपीओ, मछुआरों और मत्स्य पालन क्षेत्र में बाजार सहभागियों के लिए शैक्षिक कार्यशालाओं के माध्यम से क्षमता निर्माण की सुविधा प्रदान करेगा और जागरूकता बढ़ाएगा. ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स ;ओएनडीसी को धारा 8 कंपनी के रूप में शामिल किया गया है. जो डीपीआईआईटी, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की एक पहल है. जिसका लक्ष्य डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर वस्तुओं और सेवाओं के आदान.प्रदान के सभी पहलुओं के लिए खुले नेटवर्क को बढ़ावा देना है. कार्यक्रम का उद्देश्य उत्पादन, मूल्य निर्धारण और वितरण रणनीतियों के बारे में सूचित निर्णय लेने के लिए मछुआरोंए मछली किसान उत्पादक संगठन, मत्स्य पालन क्षेत्र के उद्यमियों सहित सभी हितधारकों को एक मंच प्रदान करना और सशक्त बनाना है.

बिचैलियों की निर्भरता कम होगी
ओएनडीसी ई.मार्केटिंग का एक अनूठा मंच है और यह अधिकतम एफएफपीओ और अन्य मछुआरा सहकारी समितियों को जोड़ने के लिए मत्स्य पालन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच एक सीधा चैनल प्रदान करते हुए ओएनडीसी बिचौलियों पर निर्भरता को कम करने में सहायता करेगा. जिससे मछुआरों के लिए अधिक मुनाफा और उपभोक्ताओं के लिए कम कीमतें होंगी. यह पहल बिखरे हुए व्यवसाय में लगे सीमांत मछुआरों को उनके उत्पादों के लिए एक सामान्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अर्थव्यवस्था का पैमाना भी प्रदान करेगी.

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