Home डेयरी Dairy Animal Fodder: भैंस के लिए बेहद ही अच्छी है पैरा घास, इन मिट्टियों में मिलता है अच्छा उत्पादन
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Dairy Animal Fodder: भैंस के लिए बेहद ही अच्छी है पैरा घास, इन मिट्टियों में मिलता है अच्छा उत्पादन

पैरा ग्रास.

नई दिल्ली. पैरा घास बफैलो घास के नाम से भी जानी जाती है. यह एक विदेशी, रेशेयुक्त और बहुवर्षीय घास है. यह नदियों या नहरों के किनारे जल भराव वाले स्थानों पर अच्छे से उगती है और लंबे वक्त तक जल भराव की स्थिति को सहन कर सकती है. यह घास जल भराव स्थिती वाले खेत के लिए अधिक योग्य है. यह गर्म व नमी युक्त जलवायु की घास है और अधिक वर्षा वाले गर्म तथा नमी युक्त स्थानों पर अच्छी तरह उगती है. इसमें औसतन 8-10 प्रतिशत प्रोटीन होता है.

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टक एनिमल न्यूज को बताया कि अगर इस चारा फसल को लगाते हैं तो पशुपालन में फायदा मिलेगा.

कृषि का क्या है तरीका
यह चिकनी, बलुई, दलदली और जलभराव वाली भूमि में अच्छा प्रदर्शन करती है.

यह जल भराव या निचली भूमि के साथ-साथ लवणीय भूमि जहाँ अन्य फसलें जीवित नहीं रह सकती हैं वहाँ अधिक फायदेमंद होती है.

सिंचित स्थानों में रोपाई का उचित समय मार्च जबकि वर्षा आधारित क्षेत्रों में मॉनसून की शुरुआत में होता है.

अच्छी तरह तैयार और समतल खेत में, 2 से 3 गांठ युक्त 30 सेमी. लम्बे तने के टुकड़ों की 50 सेमी. की दूरी पर रोपाई की जाती है.

एक हैक्टेयर भूमि में रोपाई के लिए लगभग 40 हजार जड़ के टुकड़ों की आवश्यकता होती है.

5 टन गोबर खाद के साथ 40 किग्रा. नाइट्रोजन, 50 किग्रा. फोस्फोरस और 50 किग्रा. पोटाश प्रति हैक्टेयर की मात्रा बुवाई के समय और 40 किग्रा. नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर प्रत्येक कटाई के बाद छिड़काव करना चाहिए.

रोपाई के बाद एक सप्ताह के अंतर पर 2-3 बार सिंचाई की जरूरत होती है और गर्मियों में 15 दिन के अंतर पर सिंचाई की जरूरत होती है.

जमीन को पहले दो माह तक खरपतवारों से मुक्त रखना चाहिए.

आमतौर पहली कटाई रोपाई के तीन महीने बाद और अगली कटाई मासिक अंतर पर की जाती है.

यह मध्यम चराई सहन कर सकती है, पहली चराई घास के 30-60 सेमी. लम्बाई प्राप्त करने और अच्छे से स्थापित होने तक नहीं करनी चाहिए.

हरे चारे की उपज 60-80 टन प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष तक होती है.

Written by
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