नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड देश में डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने और पशुपालकों की इनकम को बढ़ाने के लिए कई काम कर रहा है. सरकार भी चाहती है कि देश में किसानों की इनकम पशुपालन की मदद से बढ़ाया जाए. इसलिए पशुपालन और डेयरी बिजनेस के नए—नए अवसर को तलाशने का काम किया जा रहा है. इसी कड़ी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में एक एमओयू साइन किया गया.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद Indian Council of Agricultural Research द्वारा पूसा, नई दिल्ली में आयोजित ‘पशु नस्ल पंजीकरण प्रमाणपत्र एवं नस्ल संरक्षण पुरस्कार वितरण समारोह’ के दौरान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहे. जहां राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बीच ये महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किया गया. इस मौके पर सचिव एवं महानिदेशक, आईसीएआर, मांगी लाल जाट, पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार की अपर सचिव वर्षा जोशी, क्षेत्रीय प्रमुख एनडीडीबी, डॉ. नारायण एच. मोहन समेत तमाम लोग मौजूद रहे.
इस एक ओएमयू के हैं कई फायदे
इस दौरान मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस समझौते से न सिर्फ डेयरी सेक्टर बल्कि अन्य सेक्टर को भी बहुत फायदा होगा. उन्होंने कहा कि आईसीएआर और एनडीडीबी के मध्य किया गया यह समझौता बहुआयामी है.
जिसमें पशु प्रजनन और आनुवंशिकी, पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य, आहार प्रबंधन, पशुधन उत्पादन, डेयरी प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के साथ-साथ बागवानी, सब्जियां और तिलहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
कहा कि ये सहयोग में जर्मप्लाज्म (चारा और तिलहन फसलों की उच्च उपज वाली किस्मों सहित), वैज्ञानिक पद्धतियों और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं का आदान-प्रदान भी शामिल होगा.
इस साझेदारी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संभावित प्रौद्योगिकियों को जमीनी स्तर पर कैसे आगे ले जाया जाये. ताकि किसान उत्पादकता, आय और आजीविका बढ़ाने के लिए उनका उपयोग कर सकें.
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की इनकम को बढ़ाना चाहती है. वहीं इस तरह की पहल से पशुपालन और डेयरी बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा. जिसका फायदा किसानों को मिलना तय है.
मंत्री ने इस पहल के लिए एनडीडीबी को बधाई दी और कहा कि “इस समझौते के अंतर्गत एनडीडीबी और आईसीएआर एक साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करेंगी.
उन्होंने कहा कि इससे तकनीकों को लोगों तक पहुंचाया जा सके क्योंकि एनडीडीबी का एक अपना विस्तृत नेटवर्क और आधार है.











