Home डेयरी Dairy Animal: पशुओं को खिलाएंगे ये तीन तरह की खुराक तो घट जाएगा दूध उत्पादन, यहां पढ़ें डिटेल
डेयरी

Dairy Animal: पशुओं को खिलाएंगे ये तीन तरह की खुराक तो घट जाएगा दूध उत्पादन, यहां पढ़ें डिटेल

पशुओं को खनिज मिश्रण (मिनेरल पाउडर) खिलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक फोटो। livestockanimalnews

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग में पशुपालकों का फोकस इस बात पर होता है कि उनका पशु किस तरह से ज्यादा दूध का उत्पादन करेगा, ताकि उन्हें डेयरी फार्मिंग में फायदा हो. कई बार पशुपालकों की कुछ गलतियों की वजह से उनका पशु दूध का उत्पादन कम करने लगता है. जबकि पशुपालक सोचते हैं कि इससे उनका पशु दूध उत्पादन ज्यादा करेगा लेकिन होता इसका बिल्कुल उलट है. ऐसे में आप भी जानना चाहेंगे कि वो तीन ऐसी कौन सी चीजें हैं, जिनको देने से पशु का दूध उत्पादन बढ़ने की बजाय घटने लगता है, तो आईए जानते हैं इस बारे में.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर आप पशु को चावल की पराली खिलाते हैं तो इससे पशु दूध उत्पादन कम करने लगेगा. आमतौर पर देखा गया है कि पशुपालक चावल की पराली पशुओं को खिलाते हैं. इसकी वजह से पशु दूध उत्पादन कम करने लगता है. जबकि पशुपालकों को तो ये लगता कि वो पशु को भरपूर चारा दे रहे हैं तो फिर क्यों दूध में कमी आ गई है. इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ चावल की पराली ही है. जिससे पशु बिल्कुल ही दूध देना ही बंद कर देता है उसका दूध सूख जाता है.

भूलकर भी न दें इस तरह की खुराक
जबकि कई बार पशुपालक पशुओं को फंगस लगी हुई खुराक दे देते हैं. दरअसल होता यह है कि जानवरों के लिए बड़ी मात्रा में जब खुराक आ जाती है और सीलन वगैरह की वजह से उसमें फंगस लग जाता है तो पशुपालक उसे फेंकने की बजाय पशुओं को खिलने लगते हैं. उन्हें ऐसा लगता है कि अगर ऐसा नहीं करेंगे तो उनका नुकसान हो जाएगा. जबकि इसको खिला देने से उससे ज्यादा बड़ा नुकसान होता है. इससे न सिर्फ पशु को दूध उत्पादन कम होता है. बल्कि उसे कई तरह की समस्याएं भी हो जाती हैं. पशु के डाइजेस्ट सिस्टम भी फंगस लगी खुराक देने से खराब हो जाता है. इसलिए ध्यान रखें कि फंगस लगी हुई खुराक पशु को न दें. अगर फंगस की वजह से चारा खराब हो भी रहा है तो ठीक है लेकिन इसे पशु को न खिलाएं.

पशु का सूख जाएगा दूध
एक्सपर्ट कहते हैं कि फंगस लगी खुराक को फेंक देना चाहिए. कई बार रोटियों में भी फंगस लग जाता है. जबकि साइलेज में भी लग जाता है. इन चीजों को भी पशु को देने से बचना चाहिए. नहीं तो पशुओं को गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. वहीं तीसरी चीज काला जीरा है. पशु को काला जीरा देने से भी बचना चाहिए. कई बार डिवर्मिंग के तौर पर काला जीरा का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आप महीने में एक दो बार इसका इस्तेमाल करते हैं तो ठीक है. इससे जानवरों के पेट के कीड़े तो खत्म हो जाएंगे लेकिन अगर आप रोजाना इसका इस्तेमाल करते हैं तो इससे जानवर का दूध उत्पादन कम हो जाएगा. इतना ही नहीं दूध बिल्कुल खत्म कर सकता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy Sector: बिहार समेत पांच राज्यों में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर 4 फॉर्मूले पर होगा काम

नई दिल्ली. डेयरी के बिजनेस के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाने...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

MP Dairy News: 26 हजार गांवों से दूध संकलन का बनाया टारगेट, पांच साल में पूरा होगा ये लक्ष्य

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को देश की अग्रणी ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप...

डेयरी

Dairy News: अब पहले से मजबूत होगी सांची ब्रांड की गुणवत्ता और उपभोक्ता सेवा

नई दिल्ली. सांची ब्रांड की गुणवत्ता, सुरक्षित दुग्ध परिवहन और उपभोक्ता सेवाओं...

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
डेयरी

Dairy: मध्य प्रदेश में हर दिन 9.75 लाख लीटर दूध का हो रहा है कलेक्शन

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल...