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Animal Husbandry: सिर्फ 2 रुपये खर्च करके बढ़ाएं पशुओं का उत्पादन, हर दिन खिलाएं ये मिनरल मिक्सचर

दुधारू गाय व भैंस के ब्याने व उसके बाद सतर्क रहने की आवश्यकता है.
साहीवाल गाय की प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. पशुओं की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए मिनरल मिक्सचर बहुत ही जरूरी होता है. अगर पशुओं को मिनरल मिक्सचर न दिया जाए तो इससे उनके शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिलता है. नतीजतन पशुओं के बीमार होने का भी खतरा रहता है और इसके अलावा प्रोडक्शन भी कम हो जाता है. एनिमल एक्सपर्ट डॉ. इब्ने अली का कहना है कि भारत में मिनरल मिक्सचर का बाजार बहुत बड़ा है. जिसका सही-सही अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है, पर मोटा मोटा आंकलन किया जाये तो हमें ये देखना होगा कि भारत में गाय भैंसों की संख्या लगभग 30 करोड़ है यदि 10 फीसदी पशुओं को भी मिनरल दिया जाता होगा तो 3 करोड़ पशु मिनरल मिक्सचर खाते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि अगर 50 ग्राम डोज प्रत्येक पशु को दी जाती है तो डेली लगभग 15 लाख किलो मिनरल मिक्सचर देश में इस्तेमाल होता है. यदि इसे 150 रुपये किलो भी माना जाये तो सालाना 8 से 10 हजार करोड़ का कारोबार सिर्फ मिनरल मिक्सचर का ही होता है. ये हाल तब है जब 90 फीसदी पशुओं में मिनरल्स की कमी पाई जाती है.

नाम मात्र मिलाए जाते हैं विटामिन
डॉ. इब्ने अली ने बताया कि हमारे यहां मिनरल मिक्सचर में साथ में विटामिन भी मिलाये जाते हैं, यह विटामिन सिर्फ नाम मात्र को मिलाये जाते हैं. क्योंकि इनसे पशु की 10 फीसदी भी आपूर्ति नहीं होती. यह बस मार्केटिंग का एक तरीका होता है. इससे पैक पर लिखे हुए तत्वों की संख्या बढ़ जाती है जो खरीदने वाले को प्रभावित करती है. यदि डेली डोज़ के हिसाब से मिनरल मिक्सचर का खर्चा लगाया जाये तो लगभग साढ़े सात से नौ रुपये तक का खर्चा इसमें होता है. जबकि इन प्रोडक्ट्स में 95 फीसदी से अधिक तो केल्साइट पाउडर और डीसीपी होता है, जिसकी कीमत 3 से 5 रुपये किलो ही होती है. यह मैक्रो मिनरल जैसे कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी को दूर करते हैं लेकिन अतिरिक्त मिनरल बहुत कम मात्रा में पड़े होते हैं.

तो हर दिन मिलेगा मिनरल मिक्सचर
डॉ. इब्ने अली का कहना है कि यदि माइक्रो मिनरल्स (जिन्हें ट्रेस मिनरल भी कहा जाता है) को अलग से लेकर खिलाया जाये तो प्रति पशु प्रति दिन की कीमत 1 से 2 रुपये के बीच आती है. मिनरल मिक्सचर के खर्चे में यह गिरावट करीब 400 फीसदी तक की होती है. जब खर्चा कम हो जाता है तो फिर मिनरल्स रेगुलर दिए जाने लगते हैं, जिससे पशु का स्वास्थ सुधरता है और उत्पादन बढ़ता हैं. इसलिए घर पर मिनरल मिक्सचर बनाना सबसे आवश्यक काम हो जाता है. ये जब और महत्त्वपूर्ण हो जाता है, जब आपके पास पशु अधिक संख्या में हों. अपने घर में मौजूद मामूली मिक्सी के ग्राइंडर में भी मिनरल मिक्सचर आसानी से पीसा जा सकता है.

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