Home डेयरी Milk Production: गाय-भैंस पालने के लिए सरकार करेगी किसानों की मदद, यहां पढ़ें स्कीम की डिटेल
डेयरीसरकारी स्की‍म

Milk Production: गाय-भैंस पालने के लिए सरकार करेगी किसानों की मदद, यहां पढ़ें स्कीम की डिटेल

दुधारू पशुओं के बयाने के संकेत में सामान्यतया गर्भनाल या जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद हो जाता है.
गाय-भैंस की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पशुपालन एक ऐसा काम है, जिससे किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सकता है. ये बात सरकारें भी समझ चुकी हैं. इसलिए देश के ज्यादातर राज्य की सरकारें पशुपालन के जरिए दूध उत्पादन को बढ़ावा देने को लेकर काम कर रही हैं. वहीं मध्य प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है. यहां भी दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है. ताकि किसान की इनकम को दोगुना किया जा सके. किसानों को हर रोज पैसा उपलब्ध कराया जा सके. इससे किसानों को खूब फायदा मिलेगा और उनके पास पैसों की कमी नहीं होगी.

सरकार का मानना है कि अगर किसान अपनी इनकम दोगुना करना चाहते हैं तो उन्हें पशुपालन के काम में आगे आना ही होगा. मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने बताया कि किसानों की सहूलियत के लिए योजना की शुरुआत की गई. जिसमें गाय और भैंस पालने पर किसानों को सब्सिडी दी जाएगी.

50 लाख लीटर दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने बताया कि हमारा एनडीडीडबी से एक ओएमयू साइन हुआ है. एनडीडीबी पूरे देश के अंदर दूध उत्पादन को किस तरह से बढ़ाया जाए, किस तरीके से किसानों की इनकम बढ़ाई जाए और दूध उत्पादन से उन्हें कैसे फायदा पहुंचाया जाए, इसको लेकर काम करती है. वही काम अब राज्य में भी होगा. इसके लिए ओएमयू साइन किया गया है. उन्होंने कहा कि हमने लक्ष्य रखा था कि प्रतिदिन 20 लाख प्रति लीटर दूध उत्पादन को बढ़या जाए लेकिन केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया कि राज्य में 50 लाख लीटर दूध उत्पादन को बढ़ाया जाए.

दूध उत्पादन को व्यवस्थित करने की जरूरत
मंत्री लखन पटेल ने कहा कि 50 लीटर लाख सुनने में ज्यादा लग रहा है लेकिन इस टारगेट को हासिल किया जा सकता है क्योंकि हमारे मध्य प्रदेश में पहले 5.52 करोड़ लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन किया जा रहा है. कई प्राइवेट एजेंसी हैं, जैसे अमूल भी यहां दूध कलेक्शन करती हैं. उन्होंने माना की 3 लाख करोड़ लीटर दूध अव्यवस्थित तरीके से उत्पादित होता है, इसको व्यवस्थित ढंग से करने के लिए योजना बनाई गई है. जिससे दूध उत्पादन को बढ़ाया जा सकेगा.

पशुपालन से ही बढ़ सकती है इनकम
मंत्री ने कहा कि अगर कोई किसान 200 गाय या फिर भैंस रखता है तो 25 परसेंट से लेकर 33 फीसदी अनुदान दिया जाएगा. जिससे दूध उत्पादन बढ़ेगा, लोगों को रोजगार मिलेगा. इससे किसानों की इनकम भी बढ़ेगी. लखन पटेल ने बताया कि हमारी सरकार का मानना है कि अगर किसान की आय दोगुनी करना है तो आज की तारीख में खेती के अलावा पशुपालन भी करना होगा. उन्होंने कहा कि पशुपालन के अलावा कोई ऐसा विकल्प नहीं जिससे किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सके. इसमें हर रोज किसानों को पैसे मिलते हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy: मराठवाड़ा में बन सकता है डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट, मंत्री ने सरकारी मदद का दिया भरोसा

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) डेयरी सेक्टर को मजबूत करने...

डेयरी

Dairy: अब घर-घर सहकारिता की अहमियत को बताएगा ये कारवां, NDDB चेयरमैन ने दिखाई हरी झंडी

नई दिल्ली. सकारिता का डेयरी सेक्टर में फायदा मिला है. इन्हीं फायदों...

डेयरी

NDDB: साबरकांठा की सबर डेयरी में नई IVF–ET लैबोरेटरी के लिए हुआ भूमि पूजन, मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली. देश में दूध उत्पादन बढ़ाए जाने पर लगातार काम किया...