नई दिल्ली. पशुओं में मस्टाइटिस की वजह से दूध उत्पादन में कमी आती है. इससे पशुपालन के काम में नुकसान होता है. वहीं दूध की गुणवत्ता में कमी, प्रजनन क्षमता में कमी, स्वास्थ्य पर गंभीर असर और आर्थिक नुकसान होता है. इस बीमारी से पशु का थन सूज जातें हैं और थन में दर्द होता है. कुछ गंभीर मामलों में पशु में तेज बुखार, सुस्ती और यहां तक कि मौत भी हो सकती है. इसलिए इसका इलाज समय से करना बेहद ही जरूरी है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की तरफ से इसका इलाज करने का आसान तरीका बताया गया है.
एनडीडीबी की तरफ से एथनोवेटरिनरी मेडिसिन (EVM) फॉर्मूलेशन बोवाइन मैस्टाइटिस को मैनेज करने और बोवाइन में थन की हेल्थ बनाए रखने के लिए एक सुरक्षित, नेचुरल और सस्ता तरीका बताया गया है. ये उपाय पारंपरिक ज्ञान पर आधारित है और इसे आस-पास मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करके आसानी से बनाया जा सकता है.
कैसे तैयार करें रेड पेस्ट
मस्टाइटिस सही करने के लिए जिस फॉर्मूले से दवा को तैयार करना है, उसमें एलोवेरा 250 ग्राम लेना होगा.
वहीं हल्दी का पाउडर भी 50 ग्राम चाहिए होगा. जिससे इस फार्मूले को तैयार किया जाएगा.
15 ग्राम चूना की भी आवश्यकता होगी. इसके अलावा 600 एमएल सरसों का तेल चाहिए होगा. जबकि 6 नींबू की भी लगेंगे. हालांकि पेस्ट में इसका इस्तेमाल नहीं होगा.
इसको तैयार करने के लिए एलोवेरा के पत्ते को हटा दें और अंदर का हिस्सा इस्तेमाल करें और छोटे-छोटे पीस में इसको कट कर लें.
फिर इसके अंदर ऊपर बताई गई चीज डाल दें और मिक्सर के अंदर अच्छी तरह से पीस लें यह एक तरह का लाल पेस्ट तैयार हो जाएगा
इस पेस्ट को लगाने से पहले पूरी तरह से दूध को बाहर निकलना है और सभी हिस्से को साफ करके सुखा लेना है.
इसके बाद उसके अंदर तेल को मिला लें. फिर पूरे अडर के ऊपर अच्छे से इस पेस्ट को लगा दें.
लगातार 5 से 6 दिन तक इस मिश्रण को लगाने से कुछ दिनों में मस्टाइटिस की समस्या खत्म हो जाएगी.
इसके अलावा एक दिन में दो नींबू को काटकर पशुओं को जरूर खिलाएं. नींबू को दो से तीन दिन तक खिलाया जा सकता है.
निष्कर्ष
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नींबू का इस्तेमाल पेस्ट बनाने में नहीं करना है इसको सीधे खिलाना है इससे फायदा होगा. कुछ दिनों में इसका असर दिखेगा और मस्टाइटिस की समस्या दूर हो जाएगी.










