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यूपी समेत इन राज्यों से बढ़ जाएगा मीट का एक्सपोर्ट, पढ़ें क्यों हो रहा एक्सपोर्ट

नई दिल्ली. बीत चुके तीन साल जिसे कोरोना काल कहा गया, उसमें भी यूपी समेत कई राज्यों से मीट एक्सपोर्ट में 90 हजार टन का इजाफा हुआ है. वहीं आने वाले समय में इसमें और ज्यादा इजाफा होने की उम्मीद भी है. दरअसल, दुनिया के करीब 70 देशों में भारत से मीट एक्सपोर्ट किया जाता है. इन देशो में भैंस का बोनलेस मीट खाया जाता है. जबकि जितना मीट एक्सपोर्ट होता है उसमें सिर्फ 5 राज्य ही 58 फीसदी मीट का उत्पादन करते हैं और आने वाले समय में और ज्यादा उत्पादन बढ़ेगा क्योंकि भैंस की जानलेवा बीमारी खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) पर काबू पाने में ये राज्य काफी हद तक कामयाब हो गए हैं और जबकि इसके लिए देशभर में टीकाकरण अभियान चल रहा है.

बता दें कि जिन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा मीट उत्पादन होता है उन राज्यों ने टीकाकरण के सौ फीसद लक्ष्य को करीब-करीब पूरा कर लिया है. जिसके कारण इंटरनेशनल लेवल पर ये राज्यों को एफएमडी फ्री जोन घोषित हो जाएंगे और फिर यूरोपिय देश भी भारत से मीट खरीदने लगेंगे.

जिन राज्यों की बात की जा रही है उमें यूपी, बिहार, महाराष्ट्रा और केरल सबसे ज्यादा मीट उत्पादन करते हैं. इन राज्यों ने एफएमडी के टीकाकरण अभियान तहत 94 फीसद से लेकर 100 फीसद तक लक्ष्य को हासिल कर चुके हैं. जबकि तीसरा चरण भी जारी है. देश में सबसे ज्यादा मीट उत्पादन करने वाले पांच राज्यों यूपी, महाराष्ट्रा, बिहार, केरल और तेलंगाना में 100 फीसदी आंकड़े करीब टीकाकरण हो चुका है. अब अगर केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से जारी टीकाकरण के आंकड़ों पर नजर डालें तो दूसरे चरण में यूपी ने लक्ष्य 4.69 करोड़ गाय-भैंस के मुकाबले 100 फीसद लक्ष्य को पहले ही हासिल कर लिया है. जबकि यूपी में तीसरे चरण की शुरुआत हो चुकी है. अभी तक 27 लाख पशुओं को टीका लगाया जा चुका है.

वहीं महाराष्ट्रा में 1.80 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले दूसरे चरण में 1.69 करोड़ पशुओं को टीका लगाया गया. यहां तीसरे चरण में 1.60 करोड़ टीका लगाया गया. इसके अलावा केरल में दूसरे चरण में 12.99 लाख में और तीसरे में 11.93 लाख को टीका लगाया गया है. जबकि तीसरे चरण में 12.26 लाख पशुओं को टीका लगाया गया. वहीं बिहार ने दूसरे चरण में दो करोड़, सात लाख के लक्ष्य के मुकाबले दो करोड़ चार लाख पशुओं का टीका लगाया. तीसरा चरण भी जल्द ही शुरू होने वाला है. इसके अलावा तेलंगाना ने 79.18 लाख में से 62.28 लाख के लक्ष्य को हासिल किया था. तीसरे चरण का टीकाकरण अभी चल रहा है.

देश से मीट के एक्सपोर्ट की बात की जाए तो पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि देश में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का भैंस का मीट एक्सपोर्ट किया जाता है. जबकि एफएमडी के बाद यूरोपियन यूनियन और विकसित देश भी जब भारत के ग्राहक हो जाएंगे तो मीट की खरीदारी शुरू कर देंगे और डिमांड और ज्यादा बढ़ जाएगी. क्योंकि यूरोपियन यूनियन और विकसित देश भी मीट के बड़े बाजार हैं.

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