Home डेयरी क्यों हो रहा दूध महंगा, क्या है इसके पीछे की मेन दो वजह, यहां पढ़ें
डेयरीलेटेस्ट न्यूज

क्यों हो रहा दूध महंगा, क्या है इसके पीछे की मेन दो वजह, यहां पढ़ें

milk production in india
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. दूध ऐसी चीज है जो हर घर की जरूरत है और लगातार बढ़ रहे इसके दाम ने आम लोगों के बजट को भी प्रभावित किया है. दूध के दाम हर दो -ढाई महीने पर बढ़ जा रहे हैं, जिससे लोगों पर इसका असर पड़ता है. पिछले दिनों जब अमूल ने रेट बढ़ाया तो लाजिमी था कि मदर डेयर भी ऐसा करे. बात की जाए दूध के रेट बढ़ाने की वजह की तो डेयरी वाले कहते हैं कि ऐसा चारा महंगा होने के चलते होता है. हालांकि केन्द्री य मत्य्-पशुपालन और डेयरी मंत्रालय सचिव ने इस बारे में बात करते हुए कहा है कि सरकार की हालात पर नजर है. बल्कि दूध के दाम घटाने के उपाय पर भी काम किया जा रहा है.

डेयरी सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना काल ऐसा था कि जब दूध सरप्लस था और दूध खपत न हो पाने से पशुपालकों को नुकसान हुआ था. वहीं कोरोना-लॉकडाउन के बाद पशुपालन और डेयरी सेक्टर में निवेश भी न के बराबर हुआ. यही वजह है कि डिमांड तो है लेकिन उतना दूध उपल्ब्ध नहीं है. उन्होंने इस बात दावा किया कि दूध के बढ़ते दाम से कुछ दिनों में राहत मिलेगी. ऐसा करने के लिए उन्होंने चारे की कमी से निपटने के लिए कदम उठाने की बात कही है. कहा कि इसके लिए 100 किसान एफपीओ को मंजूरी दी गई है.

केन्द्री य मत्य् -पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चारे की कमी है इससे चारा महंगा हो गया है. पशुपालकों को पूरे साल पशुओं को देने के लिए चारा कम दाम पर मिले इसके लिए साइलेज तकनीक पर काम कर रहे हैं. इस क्षेत्र में करीब 100 एफपीओ को बढ़ावा देने पर वर्क हो रहा है. जिसमें 50 फीसदी की छूट वाली स्कीम लाकर इस कमी को दूर करने की कोशिश है.

उन्होंने कहा कि देश में दूसरे सामान की तरह से दूध के भी दाम बढ़े हैं यह बात सही है लेकिन ये भी सच है कि न तो आउट ऑफ कंट्रोल की समस्या है और न ही देश में दूध की कमी है. जबकि गर्मियों को देखते हुए दूध की उपलब्धता हर वक्त नजर रखी जाती है. जबकि विपरीत हालात में मिल्क पाउडर का इम्पोर्ट कर सकते हैं. फिलहाल इसकी जरूरत नहीं है. सिर्फ साल 2011 में इसकी जरूरत पड़ी थी. जबकि मौजूदा वक्त में हम दुनिया में दूध के उत्पादन करने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं.

साल 2021-22 में यहां उत्पादन 221 मिलियन टन हुआ है. चारे की कमी और इसके महंगा होने के पीछे क्या है, इस सवाल का जवाब देते हुए राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बीते कई दशक से चारे की जमीन सिर्फ चार फीसदी है, जो इसका मुख्य कारण है. जबकि चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण भी हुआ है. चारा कमी के चलते ही बाजार में चारे के रेट में इजाफा हो गया.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

NPDD scheme is being implemented to enhance quality of milk and milk products and increase share of organized milk procurement.
डेयरी

Milk Production: पशु के दूध में फैट कम होने के हैं तीन मुख्य कारण, बढ़ाना भी है बेहद ही आसान

नई दिल्ली. गाय-भैंस यदि भरपूर दूध का उत्पादन करे लेकिन दूध के...

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Government Scheme: गाय पालने पर यूपी सरकार दे रही है आर्थिक मदद

नई दिल्ली. बिजनेस को छोटे स्तर से भी शुरू करके बड़ा बनाया...

milk production
डेयरी

Dairy News: दूध उत्पादन बढ़ाने के पांच टिप्स बहुत आएंगी आपके काम

नई दिल्ली. हर एक पशुपालक की ये चाहत होती है कि उसके...

डेयरी

Dairy: बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर के उत्पादन में अहम है डेयरी कोऑपरेटिव नेटवर्क

नई दिल्ली. यूके के बर्मिंघम में आयोजित ‘वर्ल्ड बायोगैस एक्सपो एंड समिट...