नई दिल्ली. लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के दिशा-निर्देशन में विश्वविद्यालय के पशुजन्य उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं एवं युवतियों को मांस प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से ‘मांस एवं मांस उत्पाद प्रसंस्करण’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 24 सितंबर 2026 तक आयोजित होगा. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य हरियाणा प्रदेश के युवाओं एवं युवतियों को मांस एवं मांस उत्पादों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, संरक्षण एवं मूल्य संवर्धन की आधुनिक तकनीकों से परिचित करवाकर उन्हें स्वरोजगार एवं लघु उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं की जानकारी भी दी जाएगी. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पशुओं एवं मुर्गियों के वैज्ञानिक वध, मांस की स्वच्छता एवं गुणवत्ता, संरक्षण एवं भंडारण सहित मांस से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रतिभागियों को मीट रोल, कटलेट, अचार, पैटीज, लोफ, सूप आदि विभिन्न मांस उत्पाद तैयार करने की विधियों से अवगत करवाया जाएगा. इसके अतिरिक्त, ट्रेनिंग लेने वालों को मांस एवं मांस उत्पादों पर आधारित लघु उद्योग स्थापित करने, व्यवसाय की योजना तैयार करने तथा बैंक से ऋण प्राप्त करने से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी.
25 प्रतिभागियों का किया जाएगा चयन
ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे अपने स्तर पर व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें. प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए कुल 25 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा.
अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही सामान्य वर्ग के इच्छुक युवा एवं युवतियां भी प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
उपलब्ध सीटों के अनुसार निर्धारित पात्रता एवं चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा. प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी का 10+2 उत्तीर्ण होना तथा आयु 25 से 40 वर्ष के बीच होना आवश्यक है.
अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदकों को आवेदन के साथ संबंधित जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निःशुल्क होगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे.
पशुजन्य उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रशिक्षण निदेशक डॉ. अशोक कुमार मलिक ने बताया कि मांस एवं मांस उत्पाद प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार एवं लघु उद्यम स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं.
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ विभिन्न मांस उत्पादों के निर्माण का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा, जिससे वे प्रशिक्षण के बाद अपने स्तर पर व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें.
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 14 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. प्रशिक्षण से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी पशुजन्य उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग, लुवास, हिसार से संपर्क कर सकते हैं.











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