नई दिल्ली. देश में जहां एक और दूध, अंडा और मछली उत्पादन बढ़ रहा है तो वहीं साथ-साथ मीट प्रोडक्शन भी साल दर साल बढ़ोतरी की ओर सफर कर रहा है. 2014-15 से 2024-25 तक यानी 10 साल का सफर या यूं कहें कि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हर साल मीट उत्पादन में ग्रोथ दर्ज की गई है. मीट उत्पादन में सबसे ज्यादा चिकन का प्रोडक्शन किया गया है. जबकि इसके बाद बफैलो मीट का नंबर आता है. बता दें कि देश में सबसे ज्यादा चिकन खाया भी जाता है.
देश के पांच राज्य पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सबसे ज्यादा मीट का उत्पादन किया जाता है. इन राज्यों में पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा मीट उत्पादन करने वाला राज्य है. जबकि भाजपा साशित उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है. वहीं मीट के उत्पादन के साथ-साथ साल दर साल प्रति व्यक्ति मीट की उपलब्धता भी बढ़ी है.
साल-दर-साल बढ़ा प्रोडक्शन
पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो देश में साल 2014-15 में 66 लाख 9 हजार टन मीट का उत्पादन किया गया था.
वहीं ये आंकड़ा साल 2015-16 में बढ़ गया. इस साल देश में 70 लाख 2 हजार टन का मीट उत्पादन किया गया.
इसके बाद साल 2016-17 में देश में 73 लाख 9 हजार टन मीट का उत्पादन किया गया है.
इसी तरीके से साल 2017-18 में 76 लाख 6 हजार टन मीट प्रोडक्शन पूरे देश में हुआ है.
जबकि 2018-19 में 81 लाख एक हजार टन मीट का उत्पादन हुआ और एक बार फिर से आंकड़ा बढ़ गया.
बात की जाए 2019-20 की तो इस साल भी आंकड़ा बढ़ा है और 86 लाख टन मीट का उत्पादन किया गया है.
वहीं 2020-21 में 88 लाख टन मीट का उत्पादन हुआ है. 2021-22 में 92 लाख 9 हजार टन मीट का उत्पादन हुआ है.
2022-23 में 97 लाख 7 हजार टन मीट का उत्पादन हुआ. जबकि 2023-24 में एक करोड़ 25 लाख टन मीट का उत्पादन हुआ.
वहीं साल 2024-25 भारत में अब तक सबसे ज्यादा मीट उत्पादन हुआ. इस साल देश में एक करोड़ 50 लाख टन मीट का उत्पादन किया गया.












