नई दिल्ली. केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो एक बार फिर भारत ने मीट उत्पादन के मामले में बढ़त दर्ज की है. देश में पिछले साल के मुकाबले इस बार फिर मीट उत्पादन ज्यादा हुआ है. जिसकी बदौलत भारत दुनिया भर में मीट उत्पादन के मामले में चौथे स्थान पर काबिज है. वहीं दूध उत्पादन के मामले में हम नंबर वन हैं. मीट सेक्टर पर करीब से नजर रखने वाले एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले समय में भी भारत मीट प्रोडक्शन के मामले में अपनी स्थिति को और सुधरेगा. मीट उत्पादन के मामले में भी भारत नंबर वन की पोजीशन पर पहुंचने की क्षमता रखता है.
भारत ने जहां इस बार फिर मीट उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की है, तो इसमें सबसे बड़ा योगदान पोल्ट्री चिकन का है. क्योंकि देश में सबसे ज्यादा पोल्ट्री चिकन ही खाया जाता है. एक आंकड़े के मुताबिक भारत में 70 फीसद से ज्यादा लोग नॉन वेजिटेरियन हैं. जिसमें तकरीबन 50 फीसद से ज्यादा लोग पोल्ट्री चिकन ही खाना पसंद करते हैं. इसके बाद अन्य मीट का नंबर आता है.
किस मीट का कितना हुआ उत्पादन
साल 2023-24 में भारत में जहां कुल मीट उत्पादन एक करोड़ ढाई लाख टन हुआ था तो वहीं 2024-25 में ये बढ़कर एक करोड़ 5 लाख टन तक पहुंच गया है.
इस पूरे मीट उत्पादन में सबसे ज्यादा योगदान पोल्ट्री चिकन का है. पोल्ट्री चिकन तकरीबन 49 फीसद का योगदान कुल मीट उत्पादन में दिया है.
दूसरे स्थान पर बफैलो मीट का नंबर आता है. भारत में तकरीबन 19 फीसद बफैलो मीट का उत्पादन किया गया है. आपको बता दें कि देश से बफैलो मीट एक्सपोर्ट भी किया जाता है.
देश में सबसे ज्यादा महंगा बिकने वाला मीट बकरी का माना जाता है. बफैलो के बाद 15 फीसद बकरी का मीट का उत्पादन देश में किया गया है.
कुछ इलाकों जैसे जम्मू कश्मीर और अन्य जगहों पर भेड़ का मीट भी खूब पसंद किया जाता है. देश में तकरीबन 11 फीसद भेड़ का मीट उत्पादित किया गया है.
यहां आपको ये भी जानना चाहिए की 2024-25 में केवल पांच राज्यों में ही देश के कुल मीट उत्पादन का 57.55 फीसद योगदान दिया है. इसमें पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर है. उत्तर प्रदेश दूसरे, महाराष्ट्र तीसरे, आंध्र प्रदेश चौथे और तेलंगाना पांचवें स्थान पर है.
निष्कर्ष
गौरतलब कि सरकार मीट उत्पादन को बढ़ावा देने और मीट एक्सपोर्ट को भी बढ़ावा देने का काम कर रही है. ताकि इसका फायदा पशुपालकों को भी मिले और मीट सेक्टर से जुड़े लोगों की इसका फायदा हो सके. जिससे लोगों की इनकम में इजाफा हो.












