नई दिल्ली. मध्यप्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालकों को दुधारू पशुओं को साइलेज खिलाने के लिए समझाना होगा, इससे दूध उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ ही पशु भी स्वस्थ रहेंगे. ये बातें पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री लखन पटेल ने कही. वहीं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई काम हो रहे हैं. बनास डेयरी और अमूल उत्कृष्ट सहकारी संस्थाओं का उदाहरण हैं. मध्यप्रदेश में सांची का कार्य भी एनडीडीबी के सहयोग से सोने पर सुहागा हो गया है. वहीं इस कार्यक्रम में ज्यादा दूध उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया.
उन्होंने आगे कहा कि एनडीडीबी के माध्यम से सांची का उन्नयन हो रहा है, यह भी हमारे किसानों के कारण ही है. सहकारिता का लक्ष्य पूरा हो, इसके लिए हम मिलकर काम करेंगे. ताकि शक्तिशाली और श्रेष्ठ भारत का निर्माण कर सकें. वहीं एमपीसीडीएफ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संजय गोवाणी ने कहा कि एनडीडीबी ने दूध उत्पादकों को उनका वाजिब दाम समय पर मिले उसकी व्यवस्था की और ईआरपी सिस्टम लागू किया.
किसानों को किया पुरस्कृत
इस अवसर पर दुग्ध उत्पादक किसान की श्रेणी में पहला पुरस्कार भोपाल सहकारी दुग्ध संघ की प्रीति बाई दांगी को दिया गया, जिसमें उन्हें 10000 रूपए का चेक और प्रमाणपत्र दिया गया. इन्होंने 2024-25 के वर्ष में 1 लाख 62 हजार 543 किग्रा दूध समिति को दिया है.
दूसरा पुरस्कार उज्जैन दुग्ध संघ के विशाल सिंह को दिया गया, जिसमें 7000 रूपए का चैक एवं प्रमाण पत्र दिया गया. इन्होंने 2024-25 के वर्ष में 71 हजार 240 किग्रा दूध समिति में दिया है.
तीसरा पुरस्कार इंदौर दुग्ध संघ के सावंत राम चौधरी को दिया गया, जिसमें उन्हें 5000 रूपए का चैक एवं प्रमाण पत्र दिया गया. इन्होंने वर्ष 2024-25 में 54 हजार 300 कि. ग्राम दूध समिति में दिया है.
सांत्वना पुरस्कार ग्वालियर दुग्ध संघ के श्री गामराज गुर्जर को दिया गया. इन्होंने वर्ष 2024-25 में 18 हजार 250 किग्रा दूध समिति में दिया है.
इसी प्रकार उत्कृष्ट सहकारी समितियों को भी पुरस्कृत किया गया है. पहला पुरस्कार उज्जैन दुग्ध संघ अंतर्गत दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति बालागुडा के अध्यक्ष व सचिव को 10000 रूपए का चेक व प्रमाण पत्र दिया गया.
इस समिति ने वर्ष 2024-25 में 18 लाख 22 हजार 260 कि.ग्रा. दूध संकलन किया है. दूसरा पुरस्कार भोपाल दुग्ध संघ अंतर्गत दूध उत्पादक सहकारी समिति उलझावन को 7000 रूपए का चेक व प्रमाण पत्र दिया गया.
इस समिति ने वर्ष 2024-25 में 14 लाख 78 हजार 880 किग्रा का दूध संकलन किया है. तीसरा पुरस्कार इंदौर दुग्ध संघ अंतर्गत दुग्ध सहकारी समिति कुडाना को 5000 रूपए का चेक व प्रमाण पत्र दिया गया. इस समिति ने वर्ष 2024-25 में 11 लाख 24 हजार 870 किग्रा दूध का संकलन किया है
सांत्वना पुरस्कार बुंदेलखण्ड दुग्ध संघ अंतर्गत दुग्ध सहकारी समिति खजवा को दिया गया. इस समिति ने वर्ष 2024-25 में 19 लाख 71 हजार 68 कि.ग्रा. दूध का संकलन किया है.












