Home पशुपालन GADVASU: पशुओं की हैल्थ और पशुपालन में इनोवेशन बढ़ावा देने के लिए 7 स्टार्टअप के साथ MOU साइन
पशुपालन

GADVASU: पशुओं की हैल्थ और पशुपालन में इनोवेशन बढ़ावा देने के लिए 7 स्टार्टअप के साथ MOU साइन

दुधारू गाय व भैंस के ब्याने व उसके बाद सतर्क रहने की आवश्यकता है.
साहीवाल गाय की प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. पशुपालन में अपार अवसर हैं. पशुपालन को रोजगार का एक मजबूत सेक्टर बनाने के लिए तमाम कोशिशें होती रहती हैं. इसी के मद्देनजर गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी की सेक्शन 8 कंपनी वेटी एंड लाइवस्टॉक इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (वीएलआईआईएफ) ने सात उभरते स्टार्टअप के साथ इनक्यूबेशन समझौतों पर हस्ताक्षर किया है. कहा जा रहा है कि इससे पशु चिकित्सा और पशुधन विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रोगेस मिलेगी. इससे सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा. वहीं टेक्नोलॉजी में लीडिंग इंटरप्राइजेज को मदद मिलेगी.

वहीं इसको लेकर कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि सात स्टार्टअप- चिमरटेक प्राइवेट लिमिटेड, एग्रीस्टार एनिमल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, जस्टबार्क, बायोएडाप्टिस, बीजी इनोवाटेक ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड, ग्रोबिज और भारती इंटरनेशनल कंपनी वीएलआईआईएफ के इनक्यूबेशन प्रोग्राम में शामिल हुए हैं.

इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. सिंह ने बताया कि वीएलआईआईएफ का इनक्यूबेशन प्रोग्राम शुरुआती चरण की कंपनियों के डेवलपमेंट में तेजी लाने और पशु चिकित्सा और पशुधन क्षेत्रों के भीतर इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है. वीएलआईआईएफ इनक्यूबेटर कार्यक्रम में शामिल होने से, इन स्टार्टअप्स के पास एक व्यापक समर्थन प्रणाली तक पहुंच होगी. जिसमें उद्योग के विशेषज्ञों से सलाह, नए रिसर्च सुविधाओं तक पहुंच और नेटवर्किंग और सहयोग के अवसर शामिल हैं. उन्होंने कहा कि आज का आयोजन पशुधन और डेयरी क्षेत्रों के भीतर नवाचार को प्रेरित करने के हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण पल है.

मील का पत्थर साबित होगा ये समझौता
डॉ. आरएस सेठी, वीएलआईआईएफ के निदेशक और प्रोजेक्ट निधि समावेशी टीबीआई के ​प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर फाउंडेशन की ओर से समझौतों पर हस्ताक्षर किये और कहा कि ये समझौता पशु स्वास्थ्य और डेयरी उद्योगों में अत्याधुनिक समाधानों का समर्थन करने के लिए वीएलआईआईएफ के चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. उन्होंने कहा कि इन समझौतों से अगली पीढ़ी के पोषण के लिए वीएलआईआईएफ की कमिटमेंट का पता चलता है. वहीं पशु चिकित्सा और पशुधन डोमेन में परिवर्तन के लिए एक प्रेरक के तौर में अपनी भूमिका को मजबूत करती है.

एग्रीकल्चर इनोवेशन पर दिया जाए जोर
हस्ताक्षर समारोह में डॉ. पी. एस. बराड़, वीएलआईआईएफ के निदेशक और विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. सुनील कुमार खटकर, डॉ. हर्ष पंवार और डॉ. मानवेश कुमार सिहाग के साथ आयोजित किए गए. डॉ. बराड़ ने कृषि इनोवेशन को चलाने में इन सहयोगों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि चूंकि ये स्टार्टअप वीएलआईआईएफ और वेट यूनिवर्सिटी के साथ अपनी इनक्यूबेशन यात्रा शुरू करते हैं, इसलिए हमारा लक्ष्य उन्हें सार्थक परिवर्तन को प्रभावित करने और पर्याप्त प्रभाव प्राप्त करने के लिए मजबूत बनाना है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Cow: यूपी में हजारों गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के...

पशुपालन

Animal Husbandry: पशुपालन में वैज्ञानिक प्रगति और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत

नई दिल्ली. भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) के तहत...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal News: पशुओं की ईयर टैगिंग कराने के हैं कई फायदे, हर एक जानकारी मिलती है यहां

नई दिल्ली. बहुत से पशुपालक भाई पशु की ईयर टैगिंग कराने से...