नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की ओर से देश में दूध उत्पादन और पशुओं की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए कई काम किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में एक बड़ा काम हुआ है. जिसके चलते अब महाराष्ट्र के कई इलाकों में डेयरी किसानों को डेयरी पशुओं के लिए अच्छी क्वालिटी का फीड मिलेगा. बताया जा रहा है कि इसका सीधा फायदा पशुओं की उत्पादन क्षमता पर पड़ेगा. क्योंकि इससे पशुओं की उत्पादकता बढ़ेगी और इससे जहां दूध उत्पादन बढ़ेगा तो वहीं डेयरी किसानों की इनकम में भी इजाफा होगा.
असल में NDDB की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कंपनी NDDB डेयरी सर्विसेज के 250 MTPD कैटल फीड प्लांट का शिलान्यास नागपुर में एग्रोविजन इवेंट के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री (कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार) शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअली किया. इस मौके पर NDDB और NDDB डेयरी सर्विसेज के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह भी मौजूद थे.
ये सुविधा भी होगी
चेयरमैन मीनेश शाह ने NDDB डेयरी सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सीपी देवानंद और NDDB डेयरी सर्विसेज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रघु मल्लेगौड़ा के साथ MIDC बुटीबोरी, नागपुर में आने वाले प्लांट के लिए भूमि पूजन किया.
इस प्लांट को 500 एमटीपीडी तक बढ़ाया जा सकता है. इसमें 12 TPD मिनरल मिक्सचर फैसिलिटी भी होगी और इसमें एडवांस्ड ऑटोमेटेड सिस्टम होंगे.
ताकि विदर्भ, मराठवाड़ा और आस-पास के इलाकों के डेयरी किसानों को अच्छी क्वालिटी के कैटल फीड की लगातार सप्लाई सुनिश्चित हो सके.
इस पहल से मराठवरहद MPO (मराठवरहद मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) और इंदुजा से जुड़े एक लाख से ज्यादा डेयरी किसानों को अच्छी क्वालिटी के फीड इंग्रीडिएंट्स तक पहुंच बेहतर होगी.
यह डेवलपमेंट महाराष्ट्र में डेयरी किसानों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
जो कोऑपरेटिव-लेड ग्रोथ और किसान-सेंट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए NDDB के कमिटमेंट को और मजबूत करता है.
निष्कर्ष
वहीं इसका दूसरा बड़ा फायदा ये भी है कि डेयरी किसानों की प्राइवेट सप्लायर्स पर निर्भरता कम होगी. वहीं खेत के लेवल पर प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जा सकेगी.












