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NDDB: अलवर में बन सकता है डेयरी कॉम्प्लेक्स, जानें यहां क्या होंगी सुविधाएं

NDDB के प्रेसिडेंट डॉ. मीनेश शाह और मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज के मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच मुलाकात हुई.

नई दिल्ली. राजस्थान के अलवर में सब्सिडियरी कंपनियों की तरफ से शुरू किए गए अलग-अलग डेयरी विकास कार्यों को लेकर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के प्रेसिडेंट डॉ. मीनेश शाह और मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज के मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच मुलाकात हुई. ये मुलाकात अलवर में डेयरी सेक्टर को नई राह पर ले जा सकती है. यहां मंत्री ने अलवर में डेसरी विकास के तह बनने जा रहे डेयरी प्लांट को डेयरी कॉम्प्लेक्स के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा.

इस दौरान डॉ. मीनेश शाह और भपूेंद्र यादव के बीच अलवर इलाके में NDDB और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों की तरफ से शुरू किए गए अलग-अलग डेयरी डेवलपमेंट के कामों पर गहन चर्चा हुई. बैठक में श्रुति भारद्वाज, MD, RCDF, उमाशंकर चौधरी, MD, अलवर मिल्क यूनियन, डॉ. देवानंद, MD, NDDB डेयरी सर्विसेज, जेटी चारी, डिप्टी MD और मदर डेयरी और दूसरे सीनियर अधिकारी शामिल हुए.

मंत्री ने मुलाकात के दौरान क्या कहा
अलवर में प्रस्तावित डेयरी प्लांट पर चर्चा के दौरान, मंत्री ने सलाह दी कि प्लान को सिर्फ एक डेयरी प्लांट तक सीमित रखने के बजाय, पूरे कैंपस को मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट डेयरी कॉम्प्लेक्स के तौर पर डेवलप किया जाना चाहिए.

जिससे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, कॉम्प्लेक्स में ट्रेनिंग और कैपेसिटी-बिल्डिंग फैसिलिटी, चारा डेमोंस्ट्रेशन यूनिट, एक एथनो-वेटरनरी यूनिट और एक मॉडर्न मिल्क पार्लर शामिल हो सकते हैं.

उन्होंने एक बड़े बायोगैस प्लांट लगाने का भी सुझाव दिया ताकि बनी बायोगैस डेयरी की एनर्जी की ज़रूरतों को पूरा कर सके या उसे बायो-CNG में अपग्रेड किया जा सके.

NDDB के चेयरमैन ने इस इलाके में किसानों की इनकम बढ़ाने के मकसद से किसान-केंद्रित डेयरी डेवलपमेंट के कामों के लिए पूरे सपोर्ट का भरोसा दिया.

मंत्री ने फलों और सब्जियों की वैल्यू चेन बनाने में भी एनडीडीबी से मदद मांगी और NDDB डेयरी सर्विसेजज द्वारा सखी MPO के जरिए MSP रेट से ज्यादा सरसों और प्याज खरीदने और मदर डेयरी (SAFAL) के ज़रिए मार्केटिंग की सुविधा देने के लिए NDDB की बहुत तारीफ की.

उन्होंने अलवर की स्ट्रेटेजिक लोकेशन के बारे में बताया, जो NCR, जयपुर और आस-पास के दूसरे बाजारों की खेती की जरूरतों को अच्छे से पूरा कर सकती है.

निष्कर्ष
मंत्री के प्लान के अनुसार एनडीडीबी काम करेगा तो इससे इलाके के पशुपालकों को फायदा होगा. साथ ही रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे.

Written by
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