नई दिल्ली. सकारिता का डेयरी सेक्टर में फायदा मिला है. इन्हीं फायदों को गिनाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सहकारिता से जोड़ने की मुहिम का आगाज हुआ है. इंटरनेशनल ईयर ऑफ कोऑपरेटिव्स (IYC) 2025 के मौके पर एनडीडीबी ‘सहकार से समृद्धि’ की भावना को मजबूत कर रहा है. भारत सरकार के कोऑपरेटिव मंत्रालय द्वारा जारी IYC कैलेंडर के हिस्से के तौर पर, NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने NDDB कर्मचारियों की मौजूदगी में आनंद से कोऑपरेटिव प्रॉस्पेरिटी जर्नी सेलिब्रेशन समृद्धि यात्रा उत्सव कारवां को हरी झंडी दिखाई.
यह खास पहल कोऑपरेटिव जागरूकता बढ़ाने, सफलता की कहानियों को सामने लाने और ग्रामीण आजीविका को बेहतर बनाने में कोऑपरेटिव्स की भूमिका को मजबूत करने के लिए डिजाइन की गई है. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ें और इसका फायदा उन्हें मिल सके.
कहां-कहां जाएगा ये कारवां
बता दें कि यह कारवां अलग-अलग इलाकों के डेयरी कोऑपरेटिव्स और किसान सदस्यों से सीधे जुड़ने के लिए आयोजित किया गया है, ताकि यह पक्का हो सके कि कोऑपरेटिव का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचे.
गुजरात और मध्य प्रदेश के मिल्क यूनियनों और डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटियों से गुजरते हुए जिसमें बेदवा, सरसा, पंचमहल, दाहोद, इंदौर, उज्जैन शामिल हैं.
यह कारवां मिलकर किए गए प्रयास, ट्रांसपेरेंसी, सदस्यों की भागीदारी और कोऑपरेटिव मॉडल के बदलाव लाने वाले असर के महत्व को बताएगा.
अपने आउटरीच के हिस्से के तौर पर, कारवां टीम ने स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स से भी बातचीत की ताकि युवाओं में कोऑपरेटिव अवेयरनेस को और बढ़ाया जा सके.
लॉन्च इवेंट के दौरान, NDDB के चेयरमैन ने बताया कि यह कारवां IYC 2025 कैंपेन का आखिरी दिन है और यह NDDB एक्ट के कोऑपरेटिव स्ट्रेटेजी फोकस से काफी मिलता-जुलता है.
उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ कोऑपरेशन की कोशिशों से पूरे देश में अवेयरनेस बढ़ी है और कोऑपरेटिव कवरेज में बढ़ोतरी और दूध की ज्यादा खरीद जैसे अच्छे नतीजे कोऑपरेटिव में किसानों के बढ़ते भरोसे को दिखाते हैं.










