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Beekeeping: मधुमक्खी पालन को बढ़ाने के लिए NDDB दे रही है मदद, जानें डिटेल

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. मधुमक्खी पालन कृषि व बागवानी उत्पादन बढ़ाने की क्षमता भी रखता है. मधुमक्खियां समुदाय में रहने वाली कीट वर्ग की जंगली जीव होती हैं. इन्हें उनकी आदतों के के मुताबिक कृत्रिम गुह में पालकर उनकी वृद्धि करके शहद और मोम हासिल किया जाता है. मधुमक्खी पालन करके शहद और मोम बेचकर इसके पालने वाले अच्छी कमाई करते हैं. बता दें कि कई सरकारी योजनाएं भी मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए चलती हैं. मधुमक्खी पालन स्थानिक कृषि विभाग से भी संपर्क करके कर सकते हैं.

आमतौर पर स्थानीय बकरीपालक चॉकलेट बनाने इसके स्थानिक ग्राहक भी होते हैं. मधुमक्खी पालन की जानकारी और प्रशिक्षण स्थानिक कृषि विभाग या कृषि विद्यालय से भी संपर्क करके कर हासिल की जा सकती है. वहीं अब एनडीडीबी देश भर में फैली दुग्ध मूल्य शृंखला (Dairy Value Chain) के माध्यम से किसानों के बीच वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है. इसके अंतर्गत मधुमक्खीपालक किसान उत्पादक संगठनों का गठन, अवस्थापना सुविधाओं का विकास तथा किसानों के क्षमता निर्माण से संबन्धित गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है.

किसानों को दी गई ट्रेनिंग
इसी क्रम में एनडीडीबी, राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद योजना के अंतर्गत कात्रज डेरी, पुणे, महाराष्ट्र और बठिंडा दुग्ध संघ, पंजाब दवारा मधुमक्खी पालक किसान उत्पादक संगठन के सदस्यों हेतु वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान विशेषज्ञों और प्रगतिशील मधुमक्खीपालकों ने किसानों को विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी प्रदान की है.

40 हजार रुपये में शुरू कर सकते हैं मधुमक्खी पालन
एक्सपर्ट कहते हैं कि मधुमक्खी पालन करने के लिए 10 बेटी से मधुमक्खी पालन की शुरुआत की जा सकती है. इसमें करीब 40 हजार रुपये तक का खर्च आता है. मधुमक्खियां की संख्या भी हर साल बढ़ती है. जितनी ज्यादा मधुमक्खियां बढ़ती जाती हैं. शहद का उत्पादन उतना ज्यादा होता है और इसका फायदा भी उतना ज्यादा होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक अक्टूबर-नवंबर हरियाणा में मधुमक्खी पालन शुरू करने का सबसे सही समय है. इस समय फूल अधिक संख्या में मिलते हैं. फरवरी मार्च तक फूलों की संख्या अधिक होती है. इससे मधुमक्खियां की संख्या में बढ़ोतरी हो जाती है.

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