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NDRI: डेयरी में हुईं खास रिसर्च के लिए एनडीआरआई को मिला अवार्ड, जानिए उस रिसर्च के बारे में

Why did NDRI say, separate AI department is needed for research and development activities
NDRI. Photo courtesy ADRI.

करनाल. जब व्यक्ति या संस्थान बेहतर काम को अंजाम देता है तो उसे उसका फल जरूर मिलता है. फल चाहे आर्थिक रूप में हो या फिर सम्मान के रूप में. ऐसा ही फल हरियाणा के करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान यानी एनडीआरआई के हिस्से में भी आया है. इसे संस्थान के लिए एक और उपलब्धि मान सकते हैं. एनडीआरआई संस्थान को अनुसंधान नेतृत्व पुरस्कार-2023 प्रदान किया गया है. ये पुरस्कार पिछले सप्ताह 21 दिसंबर-2023 को नई दिल्ली में हुए 14वें कृषि नेतृत्व कॉन्क्लेव 2023 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने संस्थान के निदेशक डॉक्टर धीर सिंह को प्रदान किया गया. इस पुरस्कार के लिए एनडीआरआई का चयन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिव की अध्यक्षता वाली निर्णायक मंडल द्वारा किया गया. गौरतलब है कि ये पुरस्कार एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप की ओर से उन संस्थानों को दिया जाता है, जिन्होंने अनुसंधान उपलब्धियों, उत्पन्न संसाधनों और स्थापित नेटवर्क में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे उस क्षेत्र में अनुसंधान गतिविधियों में तेजी आई है.

2022 में सौ साल कर चुका है पूरे
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान यानी एनडीआरआई के निदेशक डॉक्टर धीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान यानी एनडीआरआई देश का एक प्रमुख अनुसंधान और शिक्षण संस्थानप है. संस्थान ने डेयरी उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रबंधन और मानव संसाधन विकास के अलग-अलग क्षेत्रों में काफी विशेषज्ञता विकसति की है. एनडीआरआई ने 2022 में 100 सालों की एतिहासिक व गौरवशाली यात्रा को पूरा किया है. इस एक शताब्दी में संस्थान ने एक से बढ़कर एक उपलब्धि हासिल की है. इनमें क्लानिंग में अभूतर्पू अनुसंधान, दूध की गुणवत्ता परीक्षण के लिए तेज तरीके, पशु चारा प्रौद्योगिकी और नए-नए डेयरी उत्पादों का निर्माण भी शामिल है.

डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला है एनडीआरआई को
संस्थान डेयरी उद्योग में क्रांति लाने में एक आइडियल भूमिका निभा रहा है. डेयरी शिक्षा के क्षेत्र में एनडीआरआई को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है. एनडीआरआई डेयरी प्रौद्योगिकी में बीटेक, 12 विषयों में मास्टर्स और पीएचडी करा रहा है. यहां विकसित 80 से अधिक प्रौद्योगिकियों का व्यवसायीकरण किया गया है.

दायर किए गए 84 पेटेंट में से 43 मिले
एनडीआरआई ने विभिन्न नवाचारों के जरिए से उत्पन्न अपनी बौद्धिक संपदा की रक्षा के लिए पहल की है. 2006 से एनडीआरआई ने कुल 84 पेटेंट दायर कराए हैं जिनमें से 43 प्रदान किए गए हैं. एनडीआरआई ने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, विश्व बैंक और विभिन्न सरकारी विभागों और परिषदों जैसे पशुपालन और डेयरी विभाग, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद विभाग से महत्वपूर्ण फंडिंग हासिल की.

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