Home पशुपालन Pashu Mela: पशु मेले में वैल्यू-एडेड उत्पाद पर किया फोकस, महिलाएं इनके जरिए बन सकती हैं आत्मनिर्भर
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Pashu Mela: पशु मेले में वैल्यू-एडेड उत्पाद पर किया फोकस, महिलाएं इनके जरिए बन सकती हैं आत्मनिर्भर

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना का दो दिवसीय ‘पशु पालन मेला’ में कई गणमान्य लोगों ने बड़ी संख्या में मौजूद पशुपालकों के सामने AI एप्लिकेशन जारी किए गए. यहां ‘VetBot’ (एक AI असिस्टेंट चैटबॉट), जानवरों की शारीरिक बनावट पर आधारित एक ऐप लॉन्च हुआ. वहीं बकरी के दूध का साबुन और ग्रीक योगर्ट को भी औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया. इस मौके पर वाइस-चांसलर डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल कहा कि हम किसानों की समस्याओं के हल खोजने के लिए लगातार रिसर्च कर रहे हैं.

उन्होंने प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के ज़रिए उत्पादों की क्वालिटी बेहतर बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हम नस्ल सुधार के लिए भी बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी पर भरोसा जताते हुए, पशुपालक हर दिन सैकड़ों जानवरों को यूनिवर्सिटी के अस्पताल लाते हैं और रोज़ाना 10 से 15 ऑपरेशन भी किए जाते हैं.

फ्लेवर्ड दूध, लस्सी, चीज, मीट का अचार, मीट पैटीज, मीटबॉल से हो सकती है कमाई
इस दौरान एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने बताया कि जहां यूनिवर्सिटी के कुछ विभाग पशुपालन से जुड़ी सेवाएं देने में लगे हैं, वहीं दूसरे विभाग पशु उत्पादों में वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) करने में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.

ये काम अच्छी कमाई करने के शानदार मौके देते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई काम खास तौर पर महिलाओं के लिए बहुत सही हैं, क्योंकि वे इन्हें घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आसानी से संभाल सकती हैं.

उन्होंने बताया कि सजावटी मछलियों का पालन, एक्वेरियम बनाना, और फ्लेवर्ड दूध, लस्सी, चीज, मीट का अचार, मीट पैटीज, मीटबॉल और मछली से बने कई तरह के स्वादिष्ट पकवान जैसे वैल्यू-एडेड उत्पाद बनाना.

0ये सभी कमाई करने वाले कामों की श्रेणी में आते हैं. युवा उद्यमी बकरी और सूअर पालन के ज़रिए अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

मेले के दौरान, डेयरी और फ़ूड साइंस टेक्नोलॉजी कॉलेज और पशु उत्पाद टेक्नोलॉजी विभाग ने दूध, मीट और अंडों से बने कई तरह के वैल्यू-एडेड उत्पाद दिखाए.

इसी तरह, मत्स्य पालन कॉलेज ने मछली से बने कई तरह के शानदार वैल्यू-एडेड उत्पाद दिखाए.

इन स्टॉलों को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला, और किसानों ने दूध और मीट से उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग लेने में बहुत उत्साह दिखाया.

डॉ. ग्रेवाल ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में किसानों ने स्टॉलों का दौरा किया और पशुओं में परजीवी रोगों से बचाव के तरीकों के बारे में जानने में गहरी दिलचस्पी दिखाई.

पशु पोषण विभाग ने डेयरी पशुओं के लिए कई नए पोषण संबंधी तरीके दिखाए, जिन्होंने लोगों का काफ़ी ध्यान खींचा.

यूनिवर्सिटी द्वारा बनाए गए अच्छी क्वालिटी के मिनरल मिक्सचर और यूरोमिन लिक भी किसानों को किफ़ायती दामों पर उपलब्ध कराए गए.

मेले में विशेषज्ञों ने पंजाब में दुधारू पशुओं को प्रभावित करने वाली आम स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा की.

Written by
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