नई दिल्ली. बिहार में गांव स्तर पर दूध उत्पादक सहयोग समिति का गठन और ग्राम स्तर पर संचालित कृत्रिम गर्भाधान कार्य के अधिक प्रसार तथा सुविधाजनक बनाने की कोशिश हो रही है. इसी कड़ी में एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय पार्ट 3 के तहत कोसी डेयरी प्रोजेक्ट में आयोजित कार्यशाला में कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र से जुड़े हुए 200 से अधिक कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं और कोसी डेयरी प्रोजेक्ट के पदाधिकारियों साथ ही कर्मचारियों ने भाग हिस्सा लिया.
डेयरी प्रोजेक्ट के कार्य क्षेत्र तथा पूर्णिया, कटिहार, अररिया एवं किशनगंज जिला अंतर्गत दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों से अनकवर्ड पंचायत व गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों का गठन तथा कृत्रिम गर्भाधान के मामले में आधुनिक तकनीक को व्यवहार में लाने का प्रयास किया जा रहा है. ताकि इसका फायदा डेयरी फार्मिंग करने वाले किसानों को मिल सके.
क्या-क्या दी गई जानकारी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कोसी डेयरी प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मो. महताब आलम ने कहा कि सात निश्चय पार्ट 3 अंतर्गत संकल्प, कृषि में प्रगति प्रदेश में समृद्धि अंतर्गत प्रत्येक गांव में एक दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति खोला जाना है एवं नस्ल सुधार पर कार्य किया जाना है.
इस कार्यशाला का आयोजन सात निश्चय पार्ट अंतर्गत सबका सम्मान- जीवन आसान के अंतर्गत डेयरी पर विशेष जोर दिया जाना है.
उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन से गांव के दुग्ध उत्पादक किसानों को दूध का बाजार गांव स्तर पर ही उपलब्ध होगा. इससे उन्हें सीधे तौर पर फायदा मिलेगा.
उन्होंने कहा कि इससे दूध बिक्री के मामले में होने वाली समस्याओं का निदान होगा और ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को दूध का उचित कीमत मिल पाएगी और ग्रामीण पशुपालकों की आय में सुलश्चित वृद्धि होगी.
कार्यशाला के दौरान पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान के मामले में नई तकनीक, कृत्रिम गर्भाधान डिजिटल गन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान करने से होने वाली सुविधाओं के बारे में उपस्थित कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई.
जिसका मुख्य उद्देश्य कृत्रिम गभांधान के कार्य को सरल एवं सुरक्षित बनाना तो है ही साथ ही गभर्भाधान दर में भी वृद्धि होगी, जो ग्राम स्तर के पशुपालकों के हित में होगा.
कार्यशाला में प्रिक्योरमेंट प्रभारी विनय सिंह, चारा विकास पदाधिकारी आदित्य कुमार के अलावा पशुपालन पदाधिकारी विकास कुमार मौजूद थे.










